दो सगे भाईयों में मारपीट, एक की मौत
बिना सूचना दिए लाश को जलाते समय पुलिस ने शव को अर्थी से उठाया
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के पिपरी लाल गांव का है मामला, आपसी कलह से हुई मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो
पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के पिपरी लाला गांव में सोमवार की रात दो सगे भाईयों के बीच मारपीट हुई। इसमें एक भाई की जान चली गई। पुलिस को सूचना दिए बैगर परिजन शव को जलाने जा रहे थे। तभी पुलिस ने शव को अर्थी से उठा लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मारपीट आपसी कलह से हुई थी। कहा जा रहा है कि दोनों नशे में थे।
क्षेत्र के पिपरी लाला गांव निवासी चिन्कू उर्फ मंडलई यादव (32) और गुड्ढू (25) दोनों सगे भाई हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार की देर रात दोनों भाईयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने लगा और थोड़ी ही देर में मारपीट में बदल गया। मारपीट में चिन्कू उर्फ मंडलई को सिर और शरीर के दूसरे नाजुक अंगों में गंभीर चोटें लगीं। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आनन-फानन में परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोरखपुर न ले जाकर परिजन उसे घर ले गए। इस बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस को सूचना दिए बैगर परिजन मंगलवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी में लगे थे। तभी किसी ने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। सूचना पर सीओ शोहरतगढ़ दिलीप कुमार सिंह, एसओ अवधेश राज सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
तीन बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया
पकड़ी। चिन्कू उर्फ मंडलई यादव की मौत के बाद परिवार के भरण पोषण पर भी संकट खड़ा हो गया है। उसकी मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। इसमें सात साल की बेटी बंदना, तीन वर्षीय अर्चना और दो वर्षीय राधा है। पत्नी किरन यादव बच्चियों के भविष्य को लेकर बिलख रही है। वहीं, घर पहुंचने वाले हर शख्स की जुंबा पर यही सवाल था कि अब इन बच्चियों की देखरेख कौन करेगा और उनकी भरण-पोषण की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और भाई के प्रति आक्रोश था। लोगों का कहना था कि एक भाई दूसरे जान ले लेगा यह किसी ने सोचा नहीं था। अगर विवाद हो ही रहा था तो एक को हट जाना चाहिए था। थोड़ी देर के विवाद में परिवार बिखर गया। अब बेटियों के हाथ पीले कौन करेगा। कौन इन परिवारों की जिम्मेदारी को उठाएगा।