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Siddharthnagar News: डिजिटल निमंत्रण से रहे सावधान, क्लिक करते ही हो जाएंगे कंगाल

Wed, 20 Nov 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। अगर व्हाट्सएप पर डिजिटल निमंत्रण कार्ड का रहा है तो सतर्क हो जाएं। क्लिक करते ही आपके फोन का डाटा चोरी होने लगेगा और कंगाल भी हो सकते हैं। लगन शुरू होते ही साइबर ठगों ने नया पैतरा अपनाया है जो व्हाट्सएप पर निमंत्रण का लिंक भेजकर बैंक खाते में सेंध लगा रहे हैं। खासकर एपीके फाइल से विशेष सावधान रहने की जरूरत है, इस पर क्लिक करने के बाद लोगों के फोन में एक एप इंस्टॉल हो रहा है और यही एप डाटा ट्रांसफर करता है।
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डिजिटल निमंत्रण कार्ड के जरिए आपके मोबाइल का पूरा डाटा चोरी करने के साथ ही आपके नंबर का फर्जी व्हाट्सएप बनाकर आपसे जुड़े लोगों और ग्रुप में मैसेज भेज रहे हैं। विश्वास में जो क्लिक किया उसका बैंक खाता खाली कर दे रहे हैं। ऐसे में साइबर एक्सपर्ट सलाह दे रहे हैं कि अगर जाने-अनजाने में अगर आपसे ऐसे लिंक क्लिक हो जा रहा है तो तत्काल मोबाइल फोन को फाॅर्मेट कर दें। इस प्रकार के अपराध तेजी से हो रहे हैं। सतर्कता से ही इससे बचा जा सकता है, इस संबंध साइबर थाना प्रभारी अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि साइबर ठगी कई प्रकार से हो रहे हैं। अगर ठगी का शिकार हो रहे हैं तो बिना देरी किए साइबर थाने में शिकायत करें या फिर साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतने जल्दी कार्रवाई होने में आसानी रहेगी।
इसलिए फंस जा रहे लोग
हर हाथों में स्मार्टफोन और हर कोई इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है। सोशल मीडिया भी प्रयोग रहा है। डिजिटल लेनदेन के साथ ही मूल दस्तावेज भी लोग मोबाइल में रही है। यहां तक 60 प्रतिशत तक लेनदेन मोबाइल से ही हो रही है। डिजिटल लेनदेन के साथ ही साइबर ठगी के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों के जाल में कोई जानते हुए फंस जा रहा है तो कोई अनजाने में, लेकिन व्यक्ति का कोई न कोई जानने वाला कहीं न कहीं साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। मौजूदा समय में अब शादी सहित अन्य प्रकार के मांगलिक कार्यक्रम में डिजिटल निमंत्रण कार्ड भेजे रहे हैं। लोगों का खाता खाली कर दे रहे हैं। कुछ मामलों में तो लोग आगे आते हैं और कार्रवाई के लिए आवाज उठाते हैं शिकायत करते हैं। वहीं, कुछ मामलों बदनामी की डर से लोग शिकायत ही नहीं करते हैं। हालांकि साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। जो मामले दर्ज हो रहे हैं, उसमें रिकवरी भी हो रही है।
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खाता हो गया खाली, फिर भी नहीं की शिकायत
स्टेशन रोड निवासी नरेश ने बताया कि एक पहले उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल आया। जिसमें गोरखपुर में शादी का निमंत्रण कार्ड होना दर्शाया गया था। क्लिक करते ही मोबाइल थोड़ी देर तक हैंग किया फिर सही हो गया। दूसरे दिन खाते में 4700 रुपये था जो कट गया। थाने के एक पुलिसकर्मी मित्र हैं, उनसे बात हुई तो उन्होंने बताया कि ठगी के शिकार हो गए होगा। साथ वाले मजाक बनाते इसलिए कहीं कोई शिकायत नहीं की। इसी प्रकार से मोबाइल मेडिकल स्टोर चलाने वाले सलमान के साथ हुआ। उन्हें भी एक जानने वाले के नाम से एक निमंत्रण का लिंक आया था। जिसे उन्होंने डाउनलोड किया, लेकिन दिखने के बजाए वह कहां सेव हुआ पता नहीं चला। जिस नाम से कार्ड आया था, उनसे बात हुई तो पता चला कि इस प्रकार मैसेज कई जानने वालों के पास गया है, जो फोन कर रहे हैं। सलमान ने जानने वाले से बात की तो उसने मोबाइल बंद करने की सलाह दी। लेकिन जबतक दो हजार रुपये खाते कटने का मैसेज आ गया।
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एपीके फाइल का न करें डाउनलोड, अगर गलती से हुआ तो फाॅर्मेट कर दें फोन
साइबर एक्सपर्ट, थाना साइबर सेल दिलीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि अगर आपके मोबाइल फोन पर एपीके फाइल आती है तो उसे कतई क्लिक न करें। क्योंकि यह फेक होता है। लोड होने के बाद स्क्रीन पर नहीं दिखता है। अगर गलती से कर भी दिए तो मोबाइल एप के ऑप्शन में जाएं और जहां दिखे तत्काल डिलीट कर दें। अगर वहां से नहीं करते हैं तो मोबाइल को फार्मेट करने के साथ नजदीक थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। क्योंकि यह धीरे-धीरे एक से दो दिन में पूरा डाटा ठगों के पास भेज देता है। जिससे वह महत्वपूर्ण जानकारी के साथ ही सोशल मीडिया का गलत प्रयोग करने लगते हैं।
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