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Siddharthnagar News: खा रहे अरहर की दाल तो हो जाएं सावधान...मिलावट कर देगा बीमार

Tue, 21 May 2024 02:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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अरहर की दाल में हो रही मिलावट जो सेहत के लिए कर सकता है नुकसान
नेपाल बॉर्डर के एरिया में ऊंची जमीन पर अच्छी पैदावार इसलिए लगाते हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आप जिसे अरहर दाल समझकर खा रहे हैं, उसमें अक्सा की मिलावट भी हो सकती है। यह दाल पीलीभीत, बहराइच छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से मिलावटी दाल यूपी में भी आ रही है। इसकी पहचान कर पाना बहुत मुश्किल है। अक्सा, सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। इसे लगातार खाने से लकवा मारने का खतरा रहता है। आंखों समेत सेहत से जुड़ीं कई और बीमारियां भी हो सकती हैं। सिस्टम चुस्त नहीं है। ऐसे में खुद ही अरहर दाल खरीदते समय सावधानी बरतें।
मिलों से निकली दालों का आकार एक बराबर होता है, जबकि अक्सा मिलाने पर फर्क पता चल सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा कम होगी तो पहचान पाना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि दाल को खरीदते समय बारीकी से देखना चाहिए। हालांकि मिलावटी दाल की बिक्री रोकने के लिए अब व्यापारी खुद सतर्क हो रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ धंधेबाजों की वजह से पूरे व्यापार को लोग शक की निगाह से देखने लगेंगे।
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छत्तीसगढ़ दाल उद्योग संघ ने खोला मोर्चा
छत्तीसगढ़ दाल उद्योग संघ ने मिलावटी दाल पर मोर्चा खोल दिया है। इससे सबक लेते हुए स्थानीय व्यापारी भी सतर्क हुए हैं। उद्योग संघ के अनुसार दाल में मिलावट होने की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी मिलर्स या ट्रेडर्स के वहां मिलावटी दाल पकड़ी जाती है तो उसके खिलाफ 2,50,000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और मिलावटी दाल बेचने भी नहीं दिया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने बिलासपुर, रायपुर व भाटपारा में दालों की जांच के लिए अपनी टीम भी बनाई है।

दाल में फिर लगा महंगाई का तड़का
सिद्धार्थनगर। अरहर दाल की कीमतें फिर बढ़ने लगी हैं। पांच दिनों में दाल चार से छह रुपये महंगी हो गई है। व्यापारियों के अनुसार इस सीजन में अरहर की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन बिचौलिया अपने मुनाफे के लिए दाल की कीमत बढ़ा रहे हैं। अरहर दाल, चना व चना दाल की कीमत लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार ने कुछ दिन पहले ही चने पर आयात शुल्क शून्य कर दिया था, ताकि कीमत बेकाबू न हो। नवीन मंडी में सोमवार को अरहर दाल 160 रुपये किलो बिकी, जबकि पांच दिन पहले 155 रुपये किलो बिक रही थी। दाल पांच रुपये किलो महंगी हुई है, यह महंगाई और भी बढ़ सकती है। इसी दौरान चना 66 से 70 रुपये किलो, चना दाल 75 से 78 रुपये किलो तक पहुंच गया है। मटर दाल के दाम में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जो थोक मंडी में 47-48 रुपये किलो बिक रहा है।

दो हजार रुपये क्विंटल के मुनाफे में मिलावटी दाल मंगाते हैं धंधेबाज

सिद्धार्थनगर। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़, पीलीभीत, बहराइच से मिलर्स मिलावट कर रहे हैं। नवीन मंडी में रोजाना पीलीभीत व बहराइच से दाल मंगाई जाती है। मिलावट वाली दाल का मुनाफा धंधेबाज कमाते हैं। मिलावटी दाल को बेच देते हैं।
छत्तीसगढ़ दाल उद्योग संघ ने मामले में सतर्कता बरतते हुए पूरे देश के कारोबारी मिलावटी दाल के धंधेबाजों से परेशान है। सिद्धार्थनगर में हर दिन 20 से 40 लाख रुपये की दाल आती है। जिससे लोगों को असुविधा होती है, जबकि व्यापारियों का माने तो मिलावट दाल को यह पर नही लिया जाता है। लेकिन मोटी रकम कमाने के लिए लोग इस तरह का कार्य आगे से ही करते है। संवाद

पीलीभीत, बहराइच से आती है दाल
जिले में पीलीभीत, बहराइच, गोंडा व बलरामपुर से दाल आती है, जबकि कई बार नेपाल बार्डर से भी दाल आती है। जो मिलावटी भी होती है। इससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। कई बार दाल आने के मामले में कार्रवाई भी होती रहती है। मिलावटी दाल का प्रयोग लोग अच्छा मुनाफा कमाने के लिए करते हैं। जबकि इससे लोगाें की सेहत भी खराब हो सकती है।

अरहर दाल में अक्सा दाल की मिलावट हो और इसका नियमित सेवन किया जाए तो कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इस कारण पैरालाइसिस अटैक हो सकता है। यह नर्क्स को नुकसान पहुंचाती है, इसलिए आंखों की तकलीफ बढ़ सकती है। इससे पाचन तंत्र भी कमजोर होता है।

-डॉ. जितेंद्र सिंह, मेडिसिन विभाग


छत्तीसगढ़ दाल उद्योग संघ दाल की मिलावट पर सख्त हुआ है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि सिद्धार्थनगर के व्यापारी मिलावटी दाल के धंधे में शामिल नहीं हैं। हालांकि, व्यापारियों को सचेत किया गया है कि मिलावटी दाल के मामले में विशेष ध्यान दें। यदि कोई व्यापारी दाल के मिलावट में पकड़ा जाएगा तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
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-संदीप जायसवाल, गल्ला व्यवसायी मंडी

दाल की नियमित जांच की जाती है। जब मिलावट की पुष्टि होती है तो कार्रवाई भी की जाती है। अरहर दाल के साथ ही चना, मसूर, मूंग सहित अन्य दालों का भी नमूना भी लिया जाता है।
-गिरजेश दुबे, सहायक खाद्य आयुक्त
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