फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान : फोन पर पुलिस बनकर रुपये मांगे तो समझिए ठग है

Fri, 19 Jul 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
अपराधी अपना रहे नए पैंतरे, डायल 1930 पर करें शिकायत
विज्ञापन




त्रिलोकपुर के बिस्कोहर में दो मामले आए, जिनसे ठगो ने की कोशिश

संवाद न्यूज एजेंसी



बिस्कोहर। सावधान..यदि आपके पास कोई पुलिस की कॉल आए और किसी अपराध की समस्या के निदान के लिए रुपये मांगे जाएं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि खाकी का नाम इस्तेमाल करके भी ठगी हो रही है। साइबर ठग ऑनलाइन ठगी के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए झांसे में लेकर लोगों से रुपये भी मांग रहे हैं।



त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर में हाल ही में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने खुद को पुलिस वाला बताकर ठगी की कोशिश की। पुलिस अफसर भी अचानक ऐसे मामले बढ़ते देखकर हैरान हैं। आइए जानते हैं कैसे हो रही पुलिस के नाम से ठगी...।
विज्ञापन




-

लड़की को अश्लील मैसेज भेजने की बात कहकर कर रहे वसूली



साइबर ठग नवयुवको को कॉल करके उन्हें लड़कियों को अश्लील मैसेज भेजने की बात कहकर धमकाते हैं। वह खुद को पुलिस बताकर बात करते हैं और उनके द्वारा लड़कियों को अश्लील मैसेज भेजने की बात कहते हैं और हिरासत में लेने की धमकी देते है। हिरासत से रिहा करने के बदले युवकों से रुपये मांगे जाते हैं। ऐसे लोगों को खासतौर पर निशाना बनाते हैं, जो हर वक्त मोबाइल पर भिड़े रहते है और गेम आदि खेलते रहते हैं। पुलिस का नाम सुनकर नव युवक घबरा जाते हैं और जाल में फंस जाते हैं। नगर पंचायत बिस्कोहर में एक सप्ताह के बीच में ऐसे दो मामले हो गए हैं, जिसमें से एक युवक ने 16 हजार रुपये दे दिए। उसके बाद वह ऑनलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले को लेकर साइबर थाना पुलिस के पास पहुंचा हैं, इस मामले में जांच चल रही है और दूसरे युवक ने होशियारी दिखाकर रुपये नहीं दिए।
विज्ञापन




-



खुद को अफसर बताकर ठगी की कोशिश

साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मुकदमे दर्ज करने की धमकी देते हैं और गिरफ्तारी व मुकदमे से बचने के लिए रुपये की मांग करते हैं। पिछले एक सप्ताह में नगर के दो शिकायतकर्ताओं को कॉलकर ठगों ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने की बात कही और गिरफ्तारी व मुकदमे से बचने के नाम पर रुपये मांगे। हालांकि एक युवक ने समझदारी दिखाते हुए दो दिन के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और दूसरे युवक ने 16 हजार रुपये गवाने के बाद साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी।

-



पुलिस का कोई अधिकारी या कर्मचारी पीड़ित से रुपये नहीं मांगता। फोन पर ऐसी कॉल आए तो सावधान रहें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।



-राजेश शुक्ल, साइबर सेल



-

ये बरतें सावधानी

-बच्चों को हिरासत में लेने की कॉल आए तो पहले बच्चे या उसके साथियों को कॉल करके सुनिश्चित करें कि क्या मामला है, ऑनलाइन रुपये न दें।



-डिजिटल हिरासत की स्थिति बने तो ठगों की कॉल डिस्कनेक्ट कर तत्काल पुलिस को सूचना दें।

-मुकदमों में कार्रवाई और आरोपी को पकड़ने की बात कहकर रुपये मांगने की कॉल आए तो स्पष्ट मना कर दें।

-अनजान वीडियो कॉल न उठाएं। क्योंकि न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।



-रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।

- फिजूल के एप डाउनलोड न करें। किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।

- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।



- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें