सिद्धार्थनगर जिले में बुधवार को बर्फीली हवाओं की वजह से गलन बढ़ गई। धूप नहीं निकली और गलन के कारण के लोग ठिठुरते रहे। दिन-रात के तापमान में मात्र 6 डिग्री का अंतर होने और उत्तर पश्चिमी हवा की रफ्तार करीब 25 किमी प्रति घंटा रहने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ा है। दूसरे दिन तापमान में आंशिक वृद्धि हुई। इस कारण लोगों को ठंड से पर्याप्त राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेलियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले तापमान 9 डिग्री सेल्सियस हो गया था। अधिकतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। धूप नहीं होने के कारण ठंड का असर अधिक रहा। ठंड के कारण चौक-चौराहों पर चहल-पहल कम रही।
राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 24 घंटे बाद तापमान में आंशिक वृद्धि का पूर्वानुमान है, जबकि 48 घंटे बाद ठंड में कुछ और गिरावट हो सकती है। हल्का कोहरा रहेगा, धूप निकलने की संभावना कम है।
लोटन प्रतिनिधि के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्र के नजदीक होने के नाते आसपास के इलाकों में इन दिनों ठंड का असर अधिक हो गया है। सुबह कोहरा छाया रहा। ठंड से बचाव के लिए ग्रामीण, जगह-जगह अलाव तापते नजर आए।
भनवापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, पिछले चार दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड में लोग ठिठुर रहे हैं। ब्लॉक मुख्यालय, पीएचसी, भनवापुर, मन्नीजोत चौराहा, सीएचसी सिरसिया, रमवापुर राउत, चिताही आदि सार्वजनिक स्थलों व प्रमुख चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। तहसीलदार डुमरियागंज अरुण वर्मा ने कहा कि भनवापुर ब्लॉक मुख्यालय व अस्पतालों पर अलाव की व्यवस्था खंड विकास अधिकारी करेंगे। तहसील क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलाया जा रहा है।