मामले का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी और बांसी पुलिस को लगाया गया था। सोमवार रात एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी करने वाला गैंग क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने वाले हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए बांसी- डुमरियागंज मार्ग पर स्थित सरयू नहर के पास पुलिस खड़ी थी। एक काले कलर की बोलेरो आती हुई दिखी।
पुलिस टीम को देखते ही भागने लगे। जवानों ने घेराबंदी करके वाहन को रोका। तलाश में उनकी कब्जे से 42950 रुपये नकदी, आभूषण और चोरी में ताला तोड़ने में प्रयोग होने वाला सामान बरामद किया गया। पूछताछ में इन्होंने डुमरियागंज, बांसी और खेसरहा में वारदात करने की बात को स्वीकार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी निवासी मोहल्ला एजाज नगर गौटिया थाना बारादरी जिला बरेली, सादिक अली, आलम और नसीबन पत्नी अजमत अली उर्फ दुलारे निवासी गढ़िया पैगंबरपुर थाना हजरतपुर जिला बंदायू के रूप में हुई।
शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी गैंग लीडर है जो बरेली से गैंग चलाता है। वह 25 हजार ईनामी भी है। पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम में सदस्य कोतवाल बांसी बिदेश्वरी मणि त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव, सर्विलांस सेल प्रभारी सहित टीम को पांच हजार रुपये ईनाम दिया गया है।