संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों पर साफ दिखने लगा है। जिले की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति बानगंगा नदी की है। महज पांच घंटे में इसका जलस्तर 2.26 मीटर बढ़ गया, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं जबकि प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा है।
सिंचाई विभाग की सोमवार की गेज रिपोर्ट के अनुसार ककरही घाट पर सुबह आठ बजे बानगंगा नदी का जलस्तर 82.46 मीटर था, जो दोपहर एक बजे बढ़कर 84.72 मीटर पहुंच गया। यानी पांच घंटे में 2.26 मीटर और औसतन करीब 45 सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिले की अन्य प्रमुख नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
राप्ती नदी (नौगढ़) का जलस्तर पांच घंटे में 49 सेंटीमीटर बढ़कर 90.85 मीटर पहुंच गया। बूढ़ी राप्ती में 41 सेंटीमीटर, घोघी में 48 सेंटीमीटर और जमुआर नदी में 42 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं लेकिन नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण अगले 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
बानगंगा का जलस्तर बढ़ने से झारूआ, नौडिहवा, बसहिया, रामगढ़, बेलभरिया, कोटिया दीगर, खड़कुईया, चम्मपपुर, कोमर, महथा, लेदवा, नहरी, गजहड़ा, नंदवलिया, कोहरौड़ा, होलहौरी दिहवा, गोल्हौरा, अर्री और लक्ष्मीनगर समेत कई गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत एवं बचाव टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील गांवों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी नदी किनारे न जाने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है।