सिद्धार्थनगर। सदर एसडीएम के खिलाफ तहसील परिसर में चल रहे लेखपालों के धरने में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। वार्ता के लिए एसडीएम कक्ष में गए लेखपालों ने एसडीएम पर लाठी से हमला करने का आरोप लगाया है। हमले में तहसील अध्यक्ष कृष्णभूषण द्विवेदी के बांए हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घटना से लेखपाल संघ आक्रोशित है। सदर थाने में एसडीएम के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई और उनका तबादला नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। उधर, सदर एसडीएम ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
साथी पर केस दर्ज कराने को लेकर सदर तहसील के लेखपाल पिछले पांच दिनों से आंदोलित है। आरोप है कि धरना खत्म कराने के लिए दबाव बनाने के मकसद से एसडीएम ने संघ के दो पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। 22 लेखपालों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज की है। गुरुवार को तहसील अध्यक्ष कृष्णभूषण द्विवेदी के नेतृत्व में रामशंकर द्विवेदी, विनय पांडेय, मंत्री उमेश चंद वर्मा, बृजेश त्रिपाठी का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए एसडीएम कक्ष में पहुंचा। अब तक धरने की सुध न लेने पर असंतोष जताते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर आंदोलन खत्म कराने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम आपे से बाहर हो गए। धरना किए जाने से पहले किसी भी तरह की वार्ता से उन्होंने इनकार कर दिया। बताते हैं कि उनका गुस्सा इस कदर था कि पास में मौजूद होमगार्ड की लाठी लेकर हमला बोल दिया।
हमले से अध्यक्ष कृष्णभूषण द्विवेदी के बांए हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही लेखपाल आक्रोशित हो गए। एसडीएम के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए लामबंद होकर सदर थाने पहुंचे और तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की। संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने बताया कि एसडीएम की हरकत निंदनीय है। लेखपाल अब चुप नहीं बैठेंगे। अगर एसडीएम व तहसीलदार का तबादला अन्यत्र नहीं होता तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। धरना में जिला मंत्री रामसमुझ, देवानंद, प्रमोद श्रीवास्तव, रामशंकर दुबे, गिरीश त्रिपाठी, अब्दुल गफ्फार, विमल यादव, प्रभु दयाल यादव, सोमई प्रसाद, केबीराम, सचींद्र श्रीवास्तव, कपिलदेव आदि शामिल रहे।