आतिशबाजी के कारोबार पर कोरोना का साया
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भटक रहे कारोबारी
आदेश को लेकर असमंजस में जिला प्रशासन
पिछले साल करीब 25 लाख के बिके थे पटाखे
रबींद्र कुमार गुप्ता
डुमरियागंज। दशहरा और दीपावली पर्व पर तहसील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पटाखे की बिक्री की होती है। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की सख्ती के चलते दीपावली पर आतिशबाजी पर रोक पहले से ही लगती आ रही है। पिछले वर्ष लगभग 25 लाख रुपये की आतिशबाजी की खरीदारी हुई थी। इस बार कोरोना के कारण आतिशबाजी के कारोबार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दीपावली में आतिशबाजी के चलते प्रदूषण बढ़ जाता है। तमाम बंदिशों के बाद भी लोग पर्व पर आतिशबाजी कर खुशियां मनाते हैं। अभी प्रशासन यह तय नहीं कर सका है कि त्योहार पर लगने वाली आतिशबाजी के बाजार का स्वरूप क्या रहेगा और कितनी दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएंगी। आतिशबाजी के थोक और फुटकर लाइसेंसी विक्रेता भी अभी असमंजस में हैं और उन्होंने अभी तक ग्राहकों की मांग पर बुकिंग भी शुरू नहीं की है। मौजूदा समय में आतिशबाजी बनाने वाले लोगों के लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं हो रही है। इससे आतिशबाजी के थोक दुकानदार परेशान हैं। तहसील व थानों पर आतिशबाजी के आवेदन डंप पड़े हैं। उस पर संस्तुति करने की जहमत कोई नहीं कर रहा है।
प्रतिबंध से घट रहे लाइसेंसी
आतिशबाजी का कारोबार करने वाले हादसों में जान भी गवां चुके हैं। ऐसे में लोगों का रुझान इस कारोबार से कम हुआ है। गोदाम और दुकान के शहर से बाहर ले जाने के आदेश के कारण आतिशबाजों ने कारोबार बदल दिया है। पहले तहसील में आतिशबाजी के कारोबारियों की संख्या एक दर्जन से अधिक थी जो अब घटकर महज तीन रह गई है। इसमें से कई लोगों को हादसों में काफी नुकसान भी हुआ है। दीपावली के पहले अस्थायी दुकानदारों को तीन दिन की बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस दिए जाते हैं। मगर इस बार अभी तक किसी ने कोई आवेदन नहीं किया है।
बोले दुकानदार
भटगंवा गांव निवासी हनीफ ने बताया कि दिवाली के लिए ऑर्डर अब तक भेज दिए जाते थे। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि कितने सामान की बिक्री की अनुमति मिलेगी। अगले माह सहालग भी शुरू हो जाएंगे। मगर अभी तक तमाम दुकानदारों के लाइसेंस भी रिन्यूवल नहीं हो पा रहा है। संबंधित अधिकारियों से मिलकर पीड़ा बताई जा चुकी है।
बोले जिम्मेदार
एडीएम सीताराम गुप्ता ने कहा कि आतिशबाजी बिक्री की अनुमति दी जाएगी। क्योंकि यह लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा मामला है। अभी कोरोना संक्रमण को देखते हुए आतिशबाजी बाजार का स्वरूप पहले जैसा नहीं रहेगा। नवीनीकरण वाले आवेदनों का सत्यापन करने का निर्देश सभी उप जिलाधिकारियों को दिया गया है।