शाहपुर क्षेत्र के धनोहरी गांव में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद
-धनोहरी गांव में चल रहे 10 दिवसीय रामलीला में बृहस्पतिवार की रात जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर। क्षेत्र के धनोहरी गांव में चल रही 10 दिवसीय रामलीला में बृहस्पतिवार की रात स्थानीय कलाकारों लंका दहन का मंचन किया। यह दृश्य देखते ही जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।
बृहस्पतिवार की रात को कलाकारों ने रामलीला में दिखाया कि हनुमान ने समुद्र को पार कर लंका में प्रवेश किया। जैसी ही वह अशोक वाटिका में पहुंचे तो वहां पर रावण और सीता माता का संवाद चल रहा था। इसके बाद हनुमान ने भगवान श्रीराम की मुद्रिका माता सीता की गोद में डाली तो आवाज आई कि अपनी पहचान बताएं और भगवान श्रीराम के बारे में जानकारी दें। उसके बाद अशोक वाटिका के दृश्य का मंचन किया गया और अशोक वाटिका में हनुमान का युद्ध राक्षसों से हुआ। इसके बाद रावण के पुत्र मेघनाद ने हनुमान को बंदी बनाकर लंकेश के दरबार में ले गया, जहां हनुमान और रावण के बीच संवाद हुआ। हनुमान ने रावण को बहुत समझाया कि वह माता जानकी को भगवान श्रीराम के पास पहुंचा दें लेकिन रावण ने हनुमान की बात नहीं मानी।
रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ को आग लगा दी जाती है। पूंछ में आग लगते ही हनुमान ने आकाश मंडल से विचरते हुए पूरी लंका में आग लगाकर लंका का दहन कर दिया। लंका दहन के दृश्य को देखकर सभी भक्त भगवान श्रीराम के नारे लगाने लगे। इसी के साथ रामलीला कार्यक्रम को रात्रि विराम कर दिया गया। इस दौरान वीरेंद्र मणि, नीरज मणि त्रिपाठी, सहज राम, जगराम, प्रेम शंकर, बरसाती आदि मौजूद रहे।