बढ़नी। नेपाल सीमा से सटे बढ़नी रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों अंत्योदय एक्सप्रेस (22922) और चंपारण एक्सप्रेस (15705) का ठहराव न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन से इन ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज कर दी है।
बढ़नी स्टेशन भारत-नेपाल सीमा का एक अहम संपर्क बिंदु है, जहां से रोजाना सैकड़ों यात्री दोनों देशों के बीच आवाजाही करते हैं। खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए यह स्टेशन किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। इसके बावजूद इन दोनों महत्वपूर्ण ट्रेनों का यहां ठहराव न होना लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
बढ़नी रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या सीमित है, जबकि यह स्टेशन उत्तर प्रदेश और नेपाल को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां ट्रेनों के ठहराव के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाना चाहिए। लोगों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विकास न केवल स्थानीय जनता के हित में है बल्कि इससे भारत-नेपाल मैत्री संबंध भी मजबूत होंगे। अब रेल मंत्रालय को इस पर निर्णय लेना है।
इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि इन ट्रेनों के ठहराव को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।