सिद्धार्थनगर/लोटन। लोटन कोतवाली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में तीन मंडी जमीन के लिए 24 अप्रैल को मारपीट में घायल संदीप (22) की बुधवार देर रात इलाज के लिए लखनऊ लेकर जाते समय मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने लोटन कोतवाली से कुछ ही दूरी पर महराजगंज को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर शव रखकर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हजारों की भीड़ जुट गई।
मौके पर कई थानों की पुलिस और चार सर्किल के सीओ पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ ने एसओ और एक दरोगा को मारने के लिए भी दौड़ा लिया। इसी बीच मौके की नजाकत को देखते हुए अफसरों ने एसओ लोटन दिनेश कुमार सरोज को लाइनहाजिर कर दिया गया। लेकिन लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग काे लेकर अड़े रहे। लगभग सात घंटे तक चले मान मनौवल के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई और उसकी कॉपी के साथ गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेदा। इस दौरान जाम में फंसकर लोग हलकान रहे।
क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी बबलू यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि गांव में एक बैनामे की जमीन को लेकर 24 अप्रैल को गदहमरवा गांव निवासी राम मिलन सहित कई लोग गांव में पहुंच गए और लाठी-डंडे से मारपीट की। इस वारदात में उसका भतीजा संदीप (22) पुत्र भोला भी घायल हो गया था। उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि पहली घटना में केवल एनसीआर दर्ज की गई थी। उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी, जिससे परिवार के लोग डरे थे, मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परिजन शव को रात में ही घर लेकर आ गए और कार्रवाई की मांग के लिए सुबह लोटन कोतवाली से कुछ ही दूरी पर कस्बे में ही महराजगंज और सिद्धार्थनगर जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर इसे रखकर प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। कोतवाल के खिलाफ नारेबाजी के साथ कार्रवाई की मांग करने लगे। भीड़ का उग्र होता देकर करीब 10 थानों की पुलिस और चार सर्किल के सीओ, एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें समझाने में जुटे रहे। लेकिन, एसओ पर कार्रवाई और आरोपियों पर प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग पर लोग अड़े रहे। इस बीच एसओ लोटन रहे दिनेश कुमार सरोज को एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया। वहीं, सदर थाने से हरिओम कुशवाहा को लोटन की कमान दी गई।
मान-मनौवल में करीब सात घंटे तक लग गए। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा। आठ नामजद और पांच अज्ञात पर गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी कॉपी परिजनों को सौंपी गई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन मिला। साथ ही एसओ को लाइनहाजिर करने की जानकारी के बाद परिवार के लोग शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए। कुछ लोग तो रास्ता बदलकर निकल गए थे, लेकिन बड़े वाहन वाले जाम समाप्त होने के बाद वहां से निकल पाए। इस दौरान सीओ सदर, शोहरतगढ़, बांसी इटवा व थाना प्रभारी मोहाना, कपिलवस्तु, उसका, जोगिया, बांसी, सदर, शोहरतगढ़, ढेबरुआ को मौके पर तैनात कर दिया गया था।
इन लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मृतक के चाचा बबलू की तहरीर पर पुलिस ने गदहमरवा निवासी राम मिलन, राम लखन, रामअवध व रामअवध की बहन, कोल्हुआ निवासी भरत, रामजीत, नवीन, सोनी लोधी, श्यामसुंदर लोधी, नरकटहा निवासी सीताराम यादव, नेतवर निवासी मूसे सिंह, करुआवल कला निवासी श्रवण कुमार पांडेय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस टीम गिरफ्तारी के लिए लग गई है।
एसओ निलंबित नए थानेदार की तैनाती
मारपीट के बाद हुई संदीप की मौत को लेकर बृहस्पतिवार को हुए चक्का जाम में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर एसपी डाॅ. अभिषेक महाजन ने तत्कालीन एसओ दिनेश कुमार सरोज को निलंबित कर नए थानेदार हरिओम कुशवाहा को थाने की कमान सौंपी है। एसपी के निर्देश पर नवागत थानाध्यक्ष ने कमान संभालने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर परिजनों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया।
तत्कालीन एसओ और एक दरोगा को दौड़ाया
पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित होकर मृतक संदीप का शव लेकर बृहस्पतिवार को चक्का जाम कर दिया। इस बीच वार्ता करने पहुंचे तत्कालीन एसओ दिनेश कुमार सरोज को बेकाबू भीड़ ने दौड़ा लिया। आक्रोशित भीड़ को देखकर वह हमराहियों के साथ थाना परिसर में भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर वह भागे न होते तो एसओ भीड़ के आक्रोश का शिकार हो जाते। ग्रामीणों का कहना है कि धरना प्रदर्शन के दौरान एक दरोगा ने कुछ बोल दिया तो भीड़ आक्रोशित होकर उस पर टूटी पड़ी। भीड़ को बेकाबू देख कोतवाल कपिलवस्तु संतोष कुमार तिवारी, कोतवाल बांसी मृत्युंजय पाठक ने किसी तरह लोगों को नियंत्रित किया और स्थानीय लोगों के सहयोग उन्हें शांत करवाया। इस बीच लोग कई बार पुलिसकर्मियों पर लोग भड़ास निकालते दिखे।
सात घंटे जाम के बाद आवागमन बहाल
कस्बे के मेन चौराहे पर बृहस्पतिवार को शव रखकर सड़क जाम कर दी गई। सुबह सात बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर डेढ़ बजे तक जारी रहा। इसकी वजह से जाम से स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज और नौकरीपेशा लोग परेशान हुए। एंबुलेंस को भी निकलने में दिक्कत हुई। लोटन-कोल्हुई, लोटन-मोहाना, लोटन-सोहास मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सात घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद आवागमन बहाल हुआ। जाम के दौरान दोपहिया वाहनों को निकालने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों से ट्रैफिक डायवर्ट किया लेकिन, बड़े वाहनों को जाम समाप्त होने तक रुके रहना पड़ा।
पुलिस पहले अलर्ट हुई होती तो बच जाती संदीप की जान
लोटन। कोतवाली क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में जमीन के विवाद में हुई संदीप की मौत के बाद अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती तो संदीप की जान नहीं जाती। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर समय से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि जमीन का विवाद करीब चार माह से चल रहा था। पुलिस ने बिचौलिया के माध्यम से मामले में समझौता कराने का प्रयास कर रही थी। यदि समय से पुलिस कार्रवाई की होती तो शायद यह वारदात नहीं होती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ औपचारिकता पूरी की। सिपाही तैनात तो कर दिए लेकिन न पैमाइश हुई और न आरोपियों पर दबिश। विपक्षी खुलेआम घूमते रहे। अगर उसी दिन सभी को पाबंद कर दिया जाता तो आज यह नौबत न आती।
तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। लापरवाही के मामले में एसओ को निलंबित कर दिया गया है। जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अभिषेक महाजन, एसपी