संवाद न्यूज एजेंसी
औराताल। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए अमृत सरोवर बनवाए गए हैं, लेकिन इनके निर्माण का उद्देश्य जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। कारण यह है कि सरोवर सूखे पड़े हैं, पशु पक्षियों को पानी नहीं मिल रहा है।
गर्मी के दिनों में जल संकट से निपटने व भू-जल स्तर बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने अमृत सरोवर योजना की शुरूआत की है। जून चल रहा है, और इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान अधिक होने के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। गर्मी अधिक होने से पेयजल की मांग भी बढ़ गई है। मानव के साथ पशु पक्षी भी व्याकुल हैं। लोग तो विभिन्न साधनों से अपनी प्यास बुझा लेते हैं, लेकिन पशु पक्षियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है।
क्षेत्र में स्थित सरजू नहर में भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। तपती धूप और झुलसा देने वाली गर्मी में बेजुबान जानवरों के लिए पेयजल का अत्यधिक संकट है।पालतू जानवरों के लिए तो पशु मालिक जैसे तैसे पेयजल की व्यवस्था कर देते हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं और नीलगाय इत्यादि के लिए इस गर्मी में गंभीर जल संकट है।