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बर्डपुर में हंगामे के बीच मिले दो-दो हजार

Fri, 23 Dec 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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बर्डपुर। नोटबंदी के बाद से बैंकों की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। 45 दिन बीतने के बाद भी बैंकों से पैसा मिलना दुष्कर साबित हो रहा है। शुक्रवार को कस्बे के विभिन्न बैंकों से कैश बटा तो जरूर, लेकिन उसके लिए ग्राहकों एक-दूसरे से खूब हो-हुज्जत भी करनी पड़ी। पहले लाइन लगाने को लेकर हंगामा हुआ तो फिर कैश काउंटर पर पैसा पाने के लिए लोग उलझते रहे।
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क्षेत्र के पूर्वांचल बैक मधुबेनिया, मोहना, बर्डपुर, गौरा बाजार में शुक्रवार को नो कैश का बोर्ड गेट पर लगा रहा। एसबीआई बर्डपुर और नोनहवा में उपभोक्ताओं को दो-दो हजार रुपया का भुगतान किया गया। एसबीआई शाखा में भीड़ अधिक होने के कारण लोग आपस में लड़ते-झगड़ते नजर आए। सूचना पर पहुंचे मोहाना थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने लोगों को किसी प्रकार शांत कराया। उपभोक्ताओं का कहना है इस समय पैसे की सख्त आवश्यकता के बाद भी बैंक से सिर्फ दो हजार रुपया ही मिल रहा है। शाखा प्रबंधक हीरालाल का कहना है कल से दो दिन बैंक बंद रहेंगे। इस कारण भीड़ अधिक बढ़ गई है। सबको दो-दो हजार रुपये दिया गया है।
इटवा। तहसील क्षेत्र के कई बैंकों के ताले शुक्रवार को नहीं खुले तो कहीं बैंक कर्मचारी गेट पर ताला लगाकर अंदर अपने लंबित कार्य निपटाते दिखे। शुक्रवार के बाद दो दिनों की बंदी के कारण बैंक खुलने के पहले ही ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। ऐसे में जिन बैंकों में नकदी नहीं रही, वहां के कर्मचारी बैंकों से बाहर ही रहे।
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ऐसे बैंकों में पूर्वांचल ग्रामीण बैंक कठेला रहा। यहां बैंक का ताला ही नहीं खुला। एसबीआई झकहिया व बढ़या में गेट पर ताला बंद कर अंदर ही बैंककर्मी अपने लंबित कार्य निपटाने में लीन रहे। इनका कहना था कि कैश न होने के कारण बैंक खोलकर कार्य निपटा पाना बहुत ही मुश्किल है। वहीं, पूर्वांचल ग्रामीण बैंक कठेला के शाखा प्रबंधक जगदीश वर्मा का कहना है कि बैंक खुलने से पहले जुटी भीड़ व कैश न होने के कारण बैंक नहीं खोला गया।
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