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सपा सरकार में नहीं चली भिलौरी मिल

Fri, 23 Dec 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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इटवा क्षेत्र के भरौली में चीनी मिल के शिलान्यास के दौरान बना कमरा। - फोटो : अमर उजाला
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इटवा। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जिस चीनी मिल की नींव रखी थी, उसे उन्हीं की पार्टी वाली पूर्ण बहुमत की सरकार भी नहीं बनवा सकी। दस वर्षों बाद नींव का पत्थर भी गायब हो चुका है। मौके पर बना कार्यालय भवन भी बदहाल है। कर्मचारियों की ड्यूटी अन्यत्र लगा दी गई। जिले की खेती में नई जान फूंकने वाला भिलौरी चीनी मिल का यह प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गया। तरक्की की आस संजोए किसानों के अरमान भी मिट्टी में मिल गए हैं।
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के गृह क्षेत्र इटवा के भिलौरी में चीनी मिल स्थापित करने के लिए तत्कालीन सरकार ने पहल की थी। सीमावर्ती क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के मकसद से यहां चीनी मिल लगाने की मंशा थी। कोशिशें परवान चढ़ती, इससे पहले ही दम तोड़ गई। उधर, लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी की हार हुई और इधर, जिले में लगने वाले पहले उद्योग पर ग्रहण लग गया। इस बीच राजनीतिक उथल-पुथल से हुए सत्ता परिवर्तन के बीच यह प्रोजेक्ट अटका रहा।
वर्ष 2012 में पूर्ण बहुमत से सूबे की सरकार बनी तो क्षेत्र के गन्ना किसानों में इस चीनी मिल के शुरू होने की आस फिर से जग गई थी। सपा सरकार का कार्यकाल खत्म होने को है। सूबे में कभी भी आचार संहिता का ऐलान हो सकता है, मगर सपा सरकार में भी इस चीनी मिल की कोई सुध नहीं ली गई। इटवा-बांसी मुख्य मार्ग पर भिलौरा-भिलौरी में बनने वाला यह चीनी मिल अब शिलान्यास के गुम पत्थर व एक कमरे के भवन तक सिमट कर रह गया है। शासन की उपेक्षा से गन्ने की खेती करने वाले किसान मायूस हैं। यही कारण है कि पिछले वर्षों की अपेक्षा जिले में गन्ने का रकबा तेजी से घटा है। लगातार जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान इसकी खेती में रुचि नहीं ले रहे।
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