रक्तदान से दूसरे को मिलता है जीवनदान : सीएमओ
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक पर हुई संगोष्ठी और रक्तदान शिविर
चिकित्सकों ने रक्तदान विषय पर रखी अपनी बात
शिविर में आठ लोग रक्तदान करके बने महादानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान महादान विषय पर संगोष्ठी और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने रक्तदान के महत्व के बारे में चर्चा की। साथ ही लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की। वहीं, आठ लोग रक्तदान कर महादानी बने।
मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि एक स्वस्थ इंसान, जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष हो वह रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से खून का संचार बढ़ता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। रक्तदान से शरीर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। किसी भी व्यक्ति का खून निकालने से पहले उसकी जांच होती है। इसके बाद ही खून निकाला जाता है। इसलिए बिना डरे रक्तदान करें और दूसरों की जिंदगी को बचाएं। भ्रम को तोड़ते हुए जरूरतमंद के लिए खड़े हों और खून देकर उसकी जान बचाने में मदद करें। कहा कि 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस है। इसमें सहभागी बनते हुए एक अच्छे नागरिक होने का धर्म निभाएं। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने कहा कि आज भी लोग रक्तदान करने से डरते हैं, लेकिन उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। रक्तदान करने से शरीर और फिट होता है। साथ ही बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने महिलाओं से भी रक्तदान करने की अपील की। कहा कि महिलाओं में खून की कमी की शिकायत रहती है। लेकिन इसके बावजूद अगर स्वस्थ हैं तो उन्हें रक्तदान करना चाहिए। जब भी किसी को जरूरत पड़े तो उसके लिए रक्तदान करके जान बचाएं। ब्लड बैंक के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। इससे उसके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। रक्त का संचार बेहतर होगा। अगर कम भूख लगती है तो भूख लगनी शुरू हो जाएगी। साथ ही शरीर में फुर्ती आ जाती है। इसलिए बिना डरे रक्तदान करें और दूसरों की जिंदगी बचाने की मुहिम का हिस्सा बनें।
वैक्सीन के 15 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान
ब्लड बैंक के चिकित्सक डॉ. आरपी मौर्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के बीच लोग रक्तदान करने से डर रहे हैं, लेकिन डरने की कोई जरूरत नहीं है। यहां पूरी सतर्कता के साथ रक्त निकाला जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोरोनारोधी टीका लगवाए हैं तो 15 दिन पूरा होने के बाद रक्तदान कर सकते हैं। टीके से कोई दिक्कत नहीं है। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी।
रक्तदान कर ये लोग बने महादानी
आरक्षी दिलीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि रक्तदान करके अच्छा लगा। हमारा सौभाग्य है कि हमारे रक्त किसी के काम आएगा और उसकी जिंदगी बच जाएगी। रक्तदान सभी को करना चाहिए। रिंकू पाल ने कहा कि रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है। रक्तदान से अगर किसी की जिंदगी बच रही है तो हम हमेशा लोगों की मदद के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने लोगों से रक्तदान शिविर में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की। हाफिजुल्लाह एच ने कहा कि वह जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़े हैं। कहा कि हम स्वस्थ हैं, तभी तो उस लायक हैं। ईश्वर ने स्वस्थ बनाया है तो रक्त देकर किसी की मदद करना हमारे लिए गर्व की बात है। इनके अलावा पांच अन्य सहित कुल आठ लोग रक्तदान करके महादानी बनें।