सिद्धार्थनगर। त्योहार पर मिठाई की दुकानों में सजी चमकती मिठाई भी सेहत के लिए फायदेमंद के स्थान पर हानिकारक हो सकती है। बाजार में 400 रुपया किलो की मिठाई पर चांदी का वर्क लगाकर बेचा जा रहा है। जबकि, चांदी का भाव लगभग एक लाख रुपया के करीब पहुंच चुका है।
ऐसे में आप स्वयं ही चांदी की वर्क लगी मिठाई की गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते हैं। बाजार में मिठाई पर चांदी की जगह एल्युमीनियम और केमिकल का बना वर्क लगाकर चमक बढ़ाई जा रही है। ऐसे में यह सोचना जरूरी है कि कहीं चमकती मिठाई का सेवन आपकी सेहत न बिगाड़ दे।
दीपावली के त्योहार को लेकर इन दिनों शहर से लेकर देहात तक की मिठाई की दुकानों पर मिठाइयां बन रही हैं साथ ही उसे आकर्षक लुक देने के लिए उसमें नई-नई सुंदरता को लाया जा रहा है। इसी क्रम में गुलाब जामुन, सहित अन्य दूध के सूखे मिठाई में चांदी का वर्क लगाया जाता है। लेकिन चांदी का भाव एक लाख के करीब पहुंचने से इसमें भी दुकानदार एल्युमीनियम व केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में मिठाई की दुकानों के शो केस में चांदी का वर्क लगी हुई मिठाइयां रखी दिख जाएंगी। लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए चांदी का वर्क खूब लगाया जा रहा है। मगर, अब लोगों को सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि मिठाई ही नहीं उसपर लगे चांदी के वर्क में भी मिलावट की जा रही है। चांदी के वर्क की जगह कई दुकानदार मिठाई पर एल्यूमीनियम का वर्क पर लगा रहे हैं।
एल्यूमीनियम लगी मिठाई के सेवन से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। इससे कैंसर, फेफड़े और दिमाग की बीमारियां हो सकती हैं।