सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, केस दर्ज हुआ छेड़खानी का
परसा। जिले की कठेला समय माता थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को अगवा करके सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस पर मनमानी का आरोप लगा है। किशोरी के पिता का कहना है कि वह थाने में गया तो तहरीर बदलकर दुष्कर्म के बजाए छेड़खानी का केस दर्ज किया।
क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति के मुताबिक, उसकी 17 वर्षीय बेटी रविवार रात 12 बजे के करीब लापता हो गई। काफी खोजबीन की गई, लेकिन पूरी रात उसका पता नहीं चला। सोमवार सुबह एक नंबर से कॉल आई और बेटी ने कहा कि गांव एक व्यक्ति के घर के कुछ सुंघाकर उसे बेहोश करके उठा ले जाया गया। पिता बताए हुए स्थान पर पहुंचा तो बेटी के हाथ-पैर बंधा हुआ देखा। उसके कपड़े फटे हुए थे। पिता के अनुसार, उसकी बेटी से दुष्कर्म हुआ था।
उसने मामले की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। आरोपी गांव से थोड़ी ही दूरी पर स्थित शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव के हैं। पीड़ित ने इस मामले में 27 जून को ही तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उसका आरोप है कि उससे तहरीर बदलवा दी गई। उसमें लिखवाया गया कि उसकी बेटी बाग की ओर से गई थी। उसी बीच उसके साथ छेड़खानी की गई। पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया है। दुष्कर्म के बजाय छेड़खानी का केस दर्ज करके पुलिस कार्रवाई से बच रही है। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है। पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा। केस दर्ज करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
न्याय नहीं मिला तो सीएम के संज्ञान में लाया जाएगा मामला
हियुवा के महामंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस की ओर से लापरवाही की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित के घर गया था। उसके साथ अन्याय हुआ है। मामला दुष्कर्म का है और उसे दबाने के लिए तहरीर बदल गई है। छेड़खानी दिखाने का प्रयास किया गया है। इस मामले में उच्च्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। अगर इसके बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो मामला सीएम के संज्ञान में लाया जाएगा।