बांसी। कोतवाली क्षेत्र के पिपरा पड़रुपुर गांव में नमकीन खाने के बाद तीन बच्चों की हालत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां शुक्रवार की देर रात एक की मौत हो गई। दो अन्य बच्चों को बांसी पीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां से हालत गंभीर होने पर एक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक के घरवालों ने मामले में तहरीर दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पिपरा पड़रुपुर निवासी चंद्रमणि का पुत्र आदित्य (11), मुनिराम यादव के पुत्र सत्यम (11) व मुनिराम गौड़ के पुत्र प्रेमचंद (7) ने शुक्रवार की शाम नमकीन खाया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत पर देर रात आदित्य व सत्यम के परिवार के लोग उसे बांसी पीएचसी ले गए, जबकि प्रेमचंद को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ देर उपचार के बाद डॉक्टर की सलाह पर परिवार के लोग प्रेमचंद को घर ले गए। रात करीब डेढ़ बजे प्रेमचंद की तबीयत फिर बिगड़ गई। घरवाले जब तक उसे अस्पताल लाते, उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, बांसी पीएचसी में भर्ती आदित्य को शनिवार की सुबह डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सत्यम की हालत सामान्य बताई जाती है। पूछताछ में सत्यम ने बताया कि गांव के ही एक बच्चे ने उन्हें नमकीन खाने को दिया था, जिसके सेवन के बाद तबीयत बिगड़ी।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक बच्चे की मां आरती देवी व चचेरे भाई बजरंगी ने संयुक्त रूप में तहरीर दिया है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, पीएचसी के चिकित्सक डॉ. एमके चौधरी ने बताया कि आदित्य व सत्यम को रात तीन बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें उल्टी व पेट दर्द की शिकायत थी। इलाज के बाद हालत में सुधार न होने पर आदित्य को रेफर किया गया है। सत्यम ही तबीयत ठीक है।