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बाढ़ के बाद राहत कार्य की समीक्षा

Thu, 04 Aug 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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विकास भवन सभागार में बाढ़ आपदा की बैठक करते डीएम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। जिला स्तरीय बाढ़ आपदा संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक गुरुवार को विकास भवन सभाकक्ष में आयोजित की गई। इसमें बांधों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। नदियों के जलस्तर पर विशेष निगरानी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और सामग्री वितरण की समीक्षा की गई।
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डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि 26 जुलाई को नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई। इसके पीछे नेपाल से अत्यधिक पानी का आना जाना रहा। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति बन गई। बाणगंगा नदी में अचानक आए पानी से बैराज को खतरा पैदा हो गया था। अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड ने इस संबंध में पहले से कोई तैयारी नहीं की थी। बांध टूटने से कई गांव प्रभावित हुए, इनमें अधिकांश मैरुंड हो गए।
ग्राम हलौरा में बांध टूटने के कारण अचानक नदी के पानी का प्रवाह काफी तेज था। करीब 150 ग्रामीण गांव में ही फंस गए। एक मकान की छत पर शरण लिए। जहीर नामक व्यक्ति ने मोबाइल पर सूचना दी कि ग्रामीण बाढ़ के पानी में फंसे हुए है। एनडीआरएफ टीम ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। डीएम ने निर्देश दिया कि लोक निर्माण खंड के अभियंता समय के अंदर बाढ़ क्षेत्र के क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराएं।
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जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा से कहा कि राहत सामग्री वितरण को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाने के काम को प्राथमिकता पर करें। तेतरी-सोंहास मार्ग पर पानी लगने से टूटी रोड को ठीक करने को कहा। अधिशासी अभियंता ड्रेनेज व निर्माण खंड को अगस्त व सितंबर में मानसून के अनुसार 10 प्रतिशत अधिक बारिश होने की संभावना है। जिले की नदियों का जलस्तर घटाव पर है और मौसम भी अनुकूल हो गया है। ऐसे में प्रत्येक बांध का निरीक्षण करे।
युद्धस्तर पर काम कर बांध को सुदृढ़ करें। एसपी महेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान में नदियों का जलस्तर कम हुआ है। छोटे-छोटे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित ग्रामों में राजस्व विभाग द्वारा पीड़ित व्यक्तियों को राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी टीमों को भेजकर क्लोरीन की गोली ब्लीचिंग पाउडर को पानी में डलवाने का काम करे।
इस दौरान एडीएम पीके जैन, सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर, डीडीसी आनंद स्वरूप, एसडीएम सदर योगानंद पांडेय, बांसी अवधेश मिश्र, डुमरियागंज विनय कुमार पाठक, इटवा जुबेर बेग, शोहरतगढ़ अरूण कुमार सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. विजय कुमार सहित विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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