न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
सिद्धार्थनगर। राज्य विधिज्ञ परिषद के आह्वान पर सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता चार मांगों के समर्थन में शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित मांगपत्र तहसीलदार सदर को सौंपा।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट मेें एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने उत्पीड़न समेत अन्य बिंदुओं पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि महोबा जनपद के अधिवक्ता मुकेश पाठक, मेरठ के अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर के साथ ही तेलंगाना में अधिवक्ता दंपती गट्टू वमन राव, उनकी पत्नी नागमनी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। वसंत पंचमी के दो दिन पहले प्रयागराज की दारागंज पुलिस ने अधिवक्ता शशांक मिश्रा की अनायास पिटाई की गई।
जिले के अधिवक्ता रविंद्र नाथ पांडेय के घर चोरी करने वाले को थानाध्यक्ष ने सुविधा शुल्क लेकर छोड़ दिया गया। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। मांगों में आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने के अलावा सदर थानाध्यक्ष को हटाते हुए निष्पक्ष जांच कराने आदि मांगें शामिल हैं। अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सौंपे गए ज्ञापन के दौरान कृपाशंकर त्रिपाठी, राजेंद्र श्रीवास्तव, हरिहर पाठक, अनूप पांडेय, प्रमोद मौर्य, कैलाश नाथ गिरि, पंकज सिंह, राहुल द्विवेदी, अरुण त्रिपाठी, बृजेश प्रताप, शुभांगी द्विवेदी, सुमित श्रीवास्तव, बाल कृष्ण शुक्ला आदि मौजूद रहे।
दो सौ अधिवक्ताओं के सेहत की जांच
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के तत्वावधान में बार भवन में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाई गई। इस दौरान नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के मेडिकल ऑफिसर डॉ. निखिल पांडेय की अगुवाई वाली टीम ने दीवानी कचहरी के दो सौ अधिवक्ताओं के सेहत की जांच की। जरूरतमंदों को दवाएं दी गईं। उचित सलाह भी दिए गए। इस दौरान सीएमओ डॉ. आईवी विश्वकर्मा समेत अखंड प्रताप सिंह, कृपाशंकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।