कसया। जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कसया नगर के सबया में किसान प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को उन्नत व आर्गेनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई।
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष सतीश मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और प्राचीन काल से प्राकृतिक खेती देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती अपनानी चाहिए, इससे लागत कम होगी और खुशहाली आएगी।
दिल्ली से आए प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर विवेक चंद पांडेय ने जैविक व प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती में लागत काफी कम आती है और इससे मिलने वाली उपज स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। उन्होंने गोबर, गुड़, गौमूत्र, बेसन और पेड़ के नीचे की मिट्टी से जैविक खाद बनाने की विधि बताई और फसल सुरक्षा के उपायों पर भी चर्चा की।
खंड तकनीकी सहायक राजकुमार भाटिया ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व एसएमएस जय प्रकाश मणि त्रिपाठी, सुभाष मणि त्रिपाठी और सुभाष सिंह ने पारंपरिक खेती पर चर्चा करते हुए रासायनिक खादों के बजाय जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया।
संचालन ऋषभ सिंह ने किया। अंत में अरविंद सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभासद प्रतिनिधि अमेरिकन सिंह ने की। इस दौरान देवेंद्र कुमार सिंह, जवाहर शर्मा, अवधेश कुशवाहा, प्रद्युम्न शर्मा, मदन मोहन अग्रवाल, फेकू गोंड, रंजना मौर्य, श्रृंगारी देवी, फुलेना देवी, बाबूलाल, ओमप्रकाश, कैलाश गिरी आदि किसान मौजूद रहे।