-सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बीबीए व एमबीए की पढ़ाई कर छात्र प्राप्त कर रहे रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वन के तहत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में पेशेवर पाठ्यक्रम सम्मिलित किया गया है। आकांक्षी जिले में बीबीए और एमबीए के पाठ्यक्रम छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने में अग्रसर हैं। विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष एवं निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ प्रो. सौरभ ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्रों के बहुमुखी विकास के लिए उन्हें निरंतर सामयिक विषयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि एमबीए के तहत सतत विकास के लिए ग्रीन मार्केटिंग, साइबर सिक्यूरिटी, मॉडर्न बैंकिंग, इनश्युरेंस, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस इत्यादि विषयों प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के साथ भी समझौता किया है। इसके के अंतर्गत विद्यार्थि, सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रबंधन के क्षेत्र में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जिसको उनके पाठ्यक्रम में भी शामिल माना जाएगा तथा उसका क्रेडिट प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्तापूर्ण एमबीए पाठ्यक्रम संभवता पूरे राष्ट्र में न्यूनतम शुल्क में कराया जा रहा है और इस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। दो वर्ष के इस पाठ्यक्रम को लगभग आठ हजार रुपये प्रति सेमेस्टर देकर, सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को साढ़े छह लाख रुपये प्रतिवर्ष तक का पैकेज प्राप्त हो रहा है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को कराया जाने वाला औद्योगिक प्रशिक्षण उन्हें नए उद्यम स्थापित करने में भी सहायक है। गत वर्ष विश्वविद्यालय के लगभग 10 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत नए उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। जिले के परिक्षेत्र में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की पेशेवर प्रशिक्षण की अकादमिक पहल इस क्षेत्र के विकास में एक कारगर पहल है।
कालानमक चावल के उत्पादकों के लिए बुद्धस्य नैवेद्रयं द्वारा किसानों को अवसर प्रदान करना तथा विद्यार्थियों को इस पहल के अंदर इसके विपणन और प्रबंधन के कौशल को सीखने का अवसर प्राप्त होता है।
विद्यार्थियों को अकादमिक औद्योगिक संबंध के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है तथा निरंतर पेशेवर उद्यमियों से भी साक्षात्कार करवाया जाता है।
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इन पाठ्यक्रमों में स्नातकोत्तर स्तर पर पर्यावरण विज्ञान एवं स्नातक स्तर पर एनसीसी का इलेक्टिव पाठ्यक्रम प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त खेलकूद एवं शारीरिक प्रशिक्षकों को तैयार करने एवं टूरिज्म के लिए भी पाठ्यक्रम जल्दी ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के लिए शुरू किए जाने की योजना है।
-प्रो. कविता शाह, कुलपति