-एमसीएच विंग से मरीज लेकर जा रही थी निजी एंबुलेंस
- डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से मंगलवार को मरीज लेकर जा रही निजी एंबुलेंस को अधिकारियों की टीम ने पकड़ लिया। मरीज को एमसीएच विंग से ले जाया जा रहा था। मरीज को सरकारी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और निजी एंबुलेंस को थाने भेज दिया गया। इस कार्रवाई से निजी एंबुलेंस चालकों के साथ ही दलालों में हड़कंप मच गया।
दो दिन पहले गोल्हौरा थाना क्षेत्र के महुअवा खुर्द निवासी मायापति दुबे की पत्नी रीता को मेडिकल कॉलेज से रेफर कराकर निजी एंबुलेंस चालक गोरखपुर के निजी अस्पताल में पहुंचा दिया था। वहां जच्चा-बच्चा की मौत हाे गई थी। पीडि़त ने गोरखपुर में तहरीर दी कि उसे निजी एंबुलेंस चालक ने मेडिकल कॉलेज से गुमराह करके निजी अस्पताल पहुंचा दिया था। ज्यादा रुपये लेने के बावजूद इलाज में लापरवाही हुई, जिसकी वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हाे गई थी। उसके बाद अमर उजाला की पड़ताल में भी मेडिकल कॉलेज परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी मिली थी।
उसके दो दिन बाद जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर के निर्देश पर एसडीएम सदर डॉ. ललित कुमार मिश्र, सीएमओ डाॅ. रजत कुमार चौरसिया, सीओ अरुणकांत सिंह व सीएमएस डॉ. एके झा की टीम मंगलवार दोपहर 3 बजे मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंची तो एमसीएच विंग के पास उन्हें निजी एंबुलेंस मिल गई। टीम को देखकर इमरजेंसी के पास खड़ी निजी एंबुलेंस को उसका चालक लेकर फरार हो गया। परिसर से बाहर खड़ी एंबुलेंस के चालक भी इमरजेंसी में डेरा जमाए थे, लेकिन उनकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज परिसर से निजी एंबुलेंस पकड़ी गई है। उसे सदर कोतवाली में भेज दिया गया है। जांच आख्या के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम सदर
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।