संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उप्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त कोर्स करने का अवसर मिलेगा है। कार्यकर्ताओं के लिए बाल विकास एवं पोषण शिक्षा पर विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।
यह पाठ्यक्रम न्यूनतम छह माह और अधिकतम दो वर्ष में पूरा किया जा सकता है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं महाविद्यालय में कोर्स कर पाएंगी। परीक्षा शुल्क के रूप में सिर्फ चार प्रश्न पत्रों के लिए निर्धारित शुल्क देकर कार्यकताएं अपना प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूरा कर सकेंगी। विश्वविद्यालय के एकलव्य एप के माध्यम से वें अध्ययन संबंधित सामग्रियां निशुल्क पीडीएफ के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी हार्ड कॉपी प्राप्त के लिए उन्हे निर्धारित शुल्क देना होगा।
यह पाठ्यक्रम हिंदी भाषा में ही पढ़ाया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्हें बाल विकास की अवधारणा, बाल आहार एवं पोषण, बाल स्वास्थ्य सेवाएं एवं बाल मनोविज्ञान के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस कोर्स के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता मात्र हाईस्कूल उत्तीर्ण होना रखा गया है। इसी प्रकार विश्वविद्यालय ने भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के आश्रितों, जेल में बंद सजायाफ्ता कैदियों, किन्नरों एवं कोविड-19 महामारी के प्रकोप से अनाथ हुए शिक्षार्थियों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की है।
साथ ही जो शिक्षार्थी अध्ययन सामग्री हार्ड कॉपी के रूप में नहीं लेना चाहते हैं, उन्हे ट्यूशन फीस में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। विश्वविद्यालय में सभी अध्ययन केंद्रों के माध्यम से शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश लिया जा सकता है।
सभी प्रवेश समर्थ पोर्टल के माध्यम से ही होंगे। मूरति देवी स्मारक महाविद्यालय के कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बाल विकास एवं पोषण शिक्षा पर एक विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है।