सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में अब मनमाने ढंग से निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई नहीं कराई जा सकेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में केवल परिषद की ओर से अधिकृत प्रकाशकों की एनसीईआरटी आधारित पाठ्य पुस्तकों से ही शिक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यालय में अनधिकृत प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग मिलता है तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिले में 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें करीब ढाई लाख बच्चे पढ़ते हैं। सभी यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में परिषद की ओर से लागू एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई कराई जानी है। इसके लिए परिषद ने एनसीईआरटी की पुस्तकों का मुद्रण केवल तीन अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से कराया है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सके। इस वर्ष पहली बार पुस्तकों की ऑनलाइन उपलब्धता की व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे प्रदेशभर के विद्यार्थियों तक समय से किताबें पहुंच सकें।
बोर्ड का उद्देश्य निजी प्रकाशकों की महंगी और अनधिकृत पुस्तकों पर रोक लगाते हुए सभी छात्रों को समान और मानक पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों के साथ यह भी जांची जाएगी कि विद्यालयों में केवल अधिकृत प्रकाशकों की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जा रही है या नहीं। यदि किसी विद्यालय में अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें उपयोग में पाई गईं तो इसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश सभी प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रबंधन को भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय केवल अधिकृत प्रकाशकों की एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों से ही पढ़ाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- अरुण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक