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Siddharthnagar News: बस्ती में आरआई पर कार्रवाई, एआरटीओ दफ्तर में हड़कंप

Wed, 06 May 2026 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। बस्ती आरटीओ कार्यालय से अरुणांचल प्रदेश से बैकलॉग में दलालों की ओर से गड़बड़ी कर 4500 लाइसेंस जारी करके करोड़ों रुपये हेराफेरी करने के मामले में आरआई बस्ती पर कार्रवाई के बाद हलचल मच गई है। गड़बड़ी सामने आने के बाद यहां कुछ माह में जारी किए गए लाइसेंस की फाइलों को पलटकर गहन जांच की जा चुकी है। लेकिन, जांच के दायरे बढ़ने और बस्ती में कार्रवाई के बाद यहां पर बेचैनी बढ़ा दी है। क्योंकि, जांच की जद में जिला भी है। वहीं, गड़बड़ी उजागर होने के बाद हमेशा घूमने वाले अनजान चेहरे कार्यालय से दूरी बना ली है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जनपद में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं मिली है।
सरकार लोगों की सहूलियत के लिए डिजिटल पर जोर दे रही है, जिससे कार्यालय की भागदौड़ कम हो और लोगों का काम सुलभता से हो जाए। लेकिन, डिजिटल व्यवस्था पर गड़बड़ी करने वाले रास्ता निकाल ले रहे हैं। कुछ ऐसा ही ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में हुआ। बीते माह लखनऊ से अमर उजाला की पड़ताल में एक मामला खुला, जिसमें बस्ती जनपद के आरटीओ दफ्तर से दलालों की गठजोड़ से अरुणांचल प्रदेश के बैकलॉक बिना लर्निंग के ही 4500 लाइसेंस जारी कर दिए गए। इसमें करीब पौने पांच करोड़ रुपये की हेराफेरी होने का अनुमान है। मामला खुलने के बाद जहां शासन स्तर से जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी जांच की जाने लगी।
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फाइलों को पलटने और कमियों को ढूंढ़ने का काम शुरू हो गया है। इसमें बस्ती ही नहीं सिद्धार्थनगर जनपद का नाम सामने आने के बाद एआरटीओ कार्यालय में हड़कंप मचा, वहीं, बस्ती में आरआई पर कार्रवाई होने के बाद एक बार फिर जनपद में हलचल मच गई है। यहां स्थानीय स्तर पर एआरटीओ की ओर से जांच की गई है। सूत्रों के मानें तो जनवरी से अबतक जारी हुए लाइसेंस की फाइल पलटने का काम किया गया है। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक लाइसेंस के लिए आवेदन कहां से हुआ परीक्षा किसी तिथि में दी गई। इसके साथ ही संबंधित का पूरा ब्यौरा की जांच की जा रही है। इसके साथ ही गैर प्रांत के लाइसेंस की जांच की गई है। वहीं, नियमित कार्यालय पर दिखने वाले बाहरी लोगों का आना-जाना इस मामले के सामने आने के बाद कम हो गया है। स्थानीय स्तर पर विभाग के लोगों ने जांच कर ली है। वहीं, बाहर से जांच के लिए कोई पत्र या दिशा-निर्देश नहीं आए हैं।
इस संबंध में एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि बस्ती से संबंधित मामले आने के बाद जांच कराई गई है, यहां पर किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं है।ि
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