संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रद्धा भारतीय की अदालत ने मिलावटी बेसन बेचने वाले दुकानदार सीताराम को खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत अपराध का दोषी ठहराते हुए उसे दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह डुमरियागंज थाने के हल्लौर का रहने वाला है। घटना 29 मार्च 1994 की है, और मिलावटी बेसन का सैंपल हल्लौर बाजार स्थित उसकी दुकान से लिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार सीताराम हल्लौर बाजार स्थित किराने की दुकान करता है। उसकी दुकान पर मिलावटी बेसन बेचने की शिकायत पर खाद्य निरीक्षक हसन रजा ने घटना के दिन 3:00 बजे पहुंचकर परिचय देते हुए 30 किलो बेसन की बोरी से 750 ग्राम बेसन नमूना जांच के लिए खरीदा।
इसके बाद उसे सील करते हुए दुकानदार व उपस्थित गवाहों से प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद नमूने को जांच के लिए जन विश्लेषक को भेजा गया। 6 मई 1994 को रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि करते हुए बेसन को मानव स्वास्थ्य के प्रतिकूल बताया। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अनुमति के बाद सीताराम के ऊपर खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत न्यायालय में परिवाद दाखिल हुआ। न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण किया और साक्ष्यों के आधार पर सीताराम को दोषी ठहराकर सजा सुनाई।