- मोहर और आईडी की पहचान में जुटी पुलिस, फर्जी हैं या असली
- लगभग 60 लाख के समूह की महिलाओं से लोन के नाम पर हेराफेरी मामले में पुलिस ने पांच बैंकों को दिए थे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण दिलाने के नाम पर हुई ठगी के मामले में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अभी तक पुलिस को पांच से सात बैंक खाता एक लाभार्थी के नाम से होने की जानकारी थी, लेकिन अब 11 बैंक खाते होने की बात सामने आई है। पुलिस ने उससे जुड़ी लेनदेन की जानकारी के लिए पांच बैंकों को नोटिस जारी करके खाते से संबंधित डिटेल मांगी थी। इसमें दो बैंक से मिल गई है। तीन अन्य बैंकों से डिटेल मिलने के बाद निजी बैंक पर पुलिस शिकंजा सकेगी।
महिलाओं को ऋण दिलाने के नाम पर लगभग 60 लाख रुपये तक हेराफेरी होने का अनुमान है। इसमें निजी बैंकों के साथ ही प्राइवेट बैंक वाले भी जद में आएंगे।
सदर थाना क्षेत्र के पिपरी, पिपरी, दौलतपुर आदि में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आरोपी अनीता एवं सोमनाथ मालती ने ग्राहक सेवा केंद्र संचालक की ओर से गांव की विभिन्न महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके बहला फुसलाकर धोखे से विभिन्न समूहों के फाइनेंस बैंकों में लोन का खाता खुलवाकर लोन की धनराशि को समूहों की महिलाओं से अंगूठा लगवाकर अपने बैंक के खाता में हस्तांतरित कर लेते थे।
111 बैंक खाते से लाखों की ठगी की बात उजागर हुई है। 33 लाख अभी तक सामने आए हैं, जबकि इतनी ही राशि की और ठगी होने का अनुमान है। पुलिस आरोपियों को जेल भेजने के बाद पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए तह तक जाने में जुटी है। पुलिस को 18 निजी बैंक के नाम, फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र मिले थे।
निजी बैंक में कैसे रुपये स्थानांतरित हुए, इसके बारे में जानकारी के लिए पुलिस ने बैंक खाता वाले पांच बैंकों को नोटिस जारी करके डिटेल मांगी थी। इसमें दो बैंकों से जानकारी मिली है, जबकि तीन बैंकों से लेनी है। अब पुलिस बैंक खाता खोलते समय लगी आईडी कार्ड, मोहर आदि के बारे में जांच करेगी, कि यह असली है या नकली। इसके बाद धोखाधड़ी से चर्चा में आए निजी बैंकों पर कार्रवाई करेगी।
सूत्रों की मानें तो इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। इसके जरिये और समूहों के हेराफेरी का मामला उजागर हो सकता है। इसमें बैंक कर्मियों के फंसने की आशंका है।
इस संबंध में सदर कोतवाल गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस हर बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जो भी इसमें दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।