सिद्धार्थनगर। बाढ़ में अपना आशियाना गंवा चुके और जेई/एईस से पीड़ित परिवारों को सरकार नया ठिकाना देगी। उन्हें नया आवास मुहैया कराया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत इस श्रेणी के लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। पीड़ित वर्ग को लाभ देने के लिए संचालित यह योजना केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना के ही समकक्ष होगी, बस इसकी पात्रता की शर्तों में बदलाव किया गया है।
वर्ष 2011 की आर्थिक-सामाजिक जनगणना के आधार पर चिह्नित आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की इस योजना में जेई/एईएस व आपदा प्रभावित परिवारों के लिए कोई पात्रता नहीं थी। पूर्वांचल के जिलों में हर साल सैकड़ों जिंदगी निगलने वाले इंसेफेलाइटिस और बाढ़ की चपेट में आने वालों परिवारों के लिए आगे की जिंदगी कठिन हो जाती है। बीमारी के अटैक से मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग हुए परिवारों के जख्म पर मरहम लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की है। इस योजना में उन परिवारों को पात्रता श्रेणी में रखा गया है, जिन्होंने बाढ़ की आपदा में अपना घरौंदा खो दिया है। अब झोपड़ी में रहने को मजबूर हुए हैं। मुसहर व वनटांगिया समुदाय के लोगों को भी इस योजना से लाभ दिया जाएगा। शासन के निर्देश के बाद लाभार्थियों के चयन के लिए जिले में सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रभावित परिवारों की सूची के आधार पर राजस्व व विकास कर्मियों को पात्रों के चयन का निर्देश दिया गया है। सर्वे में चयनित परिवारों को जल्द ही योजना से लाभान्वित किया जाएगा।