थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव का 19 वर्षीय मकसूद अली अब एटीएस की जांच का अहम नाम बन गया है। रोजगार की तलाश में करीब ढाई माह पहले घर से निकला युवक पहले सूरत और फिर तमिलनाडु के कोयंबटूर पहुंचा था, जहां वह फर्नीचर कारीगर के सहायक के रूप में काम कर रहा था। 14 सितंबर को यूपी एटीएस ने तमिलनाडु एटीएस की मदद से उसे कोयंबटूर से गिरफ्तार किया।
गांव में बुधवार को दिनभर इसी घटना की चर्चा रही। ग्रामीणों के मुताबिक मकसूद कक्षा नौ तक पढ़ा था और आर्थिक तंगी के कारण बाहर काम करने गया था। उसके पिता भुअर बीमारी और कमर की समस्या से परेशान हैं, इसलिए परिवार को उम्मीद थी कि बेटा कमाकर घर का सहारा बनेगा।
मधवापुर के लोगों का कहना है कि उन्हें केवल इतना पता था कि मकसूद तमिलनाडु में फर्नीचर का काम करता है। उसके कथित ऑनलाइन संपर्कों या सोशल मीडिया गतिविधियों की जानकारी किसी को नहीं थी। गिरफ्तारी के बाद परिवार और ग्रामीण दोनों हैरान हैं।