बांसी। कस्बे के पटेलनगर वार्ड में स्थित डहर ताल में बुधवार को होली खेलने के बाद नहाने गए एक किशोर और एक युवक की डूबकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान अनूप (18) और शिवकरन (17) के रूप में हुई है। तीन घंटे की तलाश के बाद लाश मिली। पुलिस ने लिखापढ़ी करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। होली के उत्सव के बीच मौत से जहां उल्लास था, वहां थोड़ी देर में मातम छा गया। हर तरफ चीख और पुकार शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार, कस्बे से सटे कोतवाली क्षेत्र के ग्राम प्रतापपुर निवासी अनूप (18) पुत्र कपिलदेव और आर्यनगर वार्ड निवासी शिवकरन (17) पुत्र संजीव दोपहर बाद दो बजे होली खेलने के बाद दोस्तों के साथ डहरताल पोखरे में नहाने गए थे। डहरताल में प्लास्टिक के बड़े-बड़े डिब्बे हैं, उसी पर बैठ कर नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ गए साथियों ने इन्हें डूबता देख शोर मचाया। इसके बाद वहां मौजूद लोग इकट्ठा हुए और खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर स्थानीय गोताखोर और पुलिस की काफी मशक्कत के बाद शाम लगभग पांच बजे अनूप का शव बरामद हुआ। आनन-फानन में परिजन उसे बांसी स्थित 50 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे युवक करन की तलाश जारी रही और करीब 6:30 बजे उसका शव भी बरामद कर लिया गया। उसे भी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
दोनों ने दी थी इंटरमीडिएट की परीक्षा
मृतक अनूप और करन दोनों मेधावी छात्र थे और उन्होंने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद दोनों परीक्षा परिणाम और भविष्य के सपनों को लेकर उत्साहित थे, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक ही दिन में दो चिरागों के बुझने से प्रतापपुर गांव और आर्यनगर मोहल्ले में मातम का माहौल हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम निखिल चक्रवर्ती, सीओ शुभेंदु सिंह, कोतवाल मृत्युंजय पाठक पहुंच गए और घटना का जायजा लिया। एसओ ने बताया कि लाश का पंचनामा करके पोस्टमार्टम करवाया गया और परिवार को सौंप दिया गया है।
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होली के उत्सव में मौत का मातम
बांसी। दो किशोरों के डहर ताल में डूबकर मरने से होली की खुशी मातम में बदल गई। शिवकरन और अनूप के डूबने के बाद होली की खुशी मातम में बदल गई। जिसने भी उनके डूबने की खबर सुनी, वह भागकर डहर ताल पहुंच गया। देखते ही देखते वहां हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई। करन अपने चार भाई बहनों में सबसे बड़ा तो वहीं अनूप अपने पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था। करन के पिता संजीव उर्फ संजू नगर पालिका परिषद बांसी में लाइन मैन है और अनूप के पिता किसान हैं। बच्चों के डूबने की खबर घर पहुंचते ही दोनों घरों में कोहराम मच गया। बुधवार से ही माता-पिता सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।