- मेडिकल कॉलेज के छात्रों की दुकानदार से मारपीट के मामले में तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई
- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के छात्रों से जुड़ा है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका के पास दुकानदार से हुई मारपीट के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 15 छात्रों पर एक्शन लेते हुए एक सप्ताह तक शैक्षिक गतिविधि में शामिल होने और एक माह तक कैंपस से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम की जांच और रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई है। इसके बाद अगर वह नियम तोड़ते हैं तो संबंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कॉलेज के कार्यक्रमों में बाहरी स्टॉल लगाए जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
शहर के नगर पालिका कार्यालय के पास माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों से कुछ युवकों के विवाद के बाद मेडिकल छात्रों ने दुकानदार से मारपीट की थी। मामला थाने तक पहुंचा और कारोबारी ने कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शनिवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से टीम थाने पर पहुंची। कारोबारियों से बताकर सुलह-समझौता कर लिया। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासान ने डॉक्टरों तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई। इसमें डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. हसमतुल्लाह की टीम ने वीडियो और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की सघन जांच की। इसमें 15 एमबीबीएस छात्रों को दोषी पाया गया है। इन्हें एक सप्ताह के शैक्षिक गतिविधि से वंचित किया गया। इसके साथ ही एक माह तक मेडिकल कॉलेज के कैंपस से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई। अगर इस दौरान बाहर कोई जाता है तो उन पर कार्रवाई की बात कही गई है।
मामले की जांच के बाद 15 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। आने वाले समय में जो कार्यक्रम में होंगे। उसमें बाहरी स्टाॅल नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही फोर्स की मौजूदगी में कार्यक्रम कराया जाएगा।
- प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य, मेडिकल काॅलेज