डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर में सोमवार दोपहर में अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन के मदीने से कर्बला के लिए किए गए सफर की याद में अलम-अमारी व जुलजनाह का जुलूस निकाला। नौहा मातम के बाद कर्बला पर पहुंचकर जुलूस समाप्त हुआ।
डुमरियागंज-इटवा मुख्य मार्ग स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया कनीज रव्वाब में मरसिया मजलिस का आयोजन किया। आगाज खुर्शीद अहमद व हमनवां ने मर्सिया पढ़कर किया। मजलिस को खिताब करते हुए जमाल हैदर रिजवी ने कहा कि आज ही के दिन इमाम हुसैन व उनके साथी लोग मदीना से कर्बला के लिए रवाना हुए थे। दो मोहर्रम सन 61 हिजरी को कर्बला के मैदान में पहुंचे थे। इस दौरान कर्बला की दास्तां सुन अकीदतमंदों की आंखों में आंसू आ गए। अलम-अमारी व जुलजनाह का जूलूस निकाला। नौहा मातम करते हुए जनाबे सकीना के रौजे, हुसैनिया बाबुल होते हुए इमामबाड़ा वफ्फ शाह आलमगीर परिसर तक गए। हैदरे कर्रार व हमनवा ने मरसियाख्वानी की। नफीस हल्लौरी, सावन हल्लौरी, आरजू, मंजर, खुलूश, शकील गुड्डू, सज्जाद, कायनात, मंजर मास्टर, हैदर हल्लौरी, हानी, बबलू कामयाब, हसन जमाल, रिंकू, सबलू, नौशाद हल्लौरी, आमिर, संजू अनीस आदि ने नौहा पढ़े। इस दौरान फैजान अहमद, अर्सी, ताकीम रिजवी, खादिम, जफरुल, आदिल, अकील हैदर, असगर, शानू, अब्बास, इमरान इरानी, गुलाब, जामिन, नौशाद, जिया, मोहम्मद, यूसुफ, सत्तन आदि मौजूद रहे।