संवाद न्यूज एजेंसी
गोल्हौरा। क्षेत्र के बारावनांनकार स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूफी संत मोहम्मद यार अली की मजार पर 57 वां सालाना उर्स का आयोजन शुक्रवार की रात किया गया। इस अवसर पर यहां लगने वाले मेले में कौमी एकता की झलक देखने को मिली। लोगों ने सूफी संत की मजार पर चादर चढ़ाकर मन्नत मांगी।
दो दिन चले इस मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से लोग पहुंचे। बताते हैं सूफी संत मोहम्मद यार अली ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका अदा की। सूफी संत के मजार स्थल के समीप ही दारूल उलूम अहलैसुन्नत फैजूर्रसूल स्थित है। जहां देश के विभिन्न प्रांतों से छात्र तालीम हासिल करने यहां आते हैं। सालाना उर्स के मौके पर उत्तीर्ण छात्रों में डिग्री वितरित की जाती है।
इस वर्ष मुफ्ती की 11, आलिम का 19, कारी का 30, हाफिज का 21 कुल 71 छात्रों को प्रबंधक मो. आसिफ अल्वी व प्रधानाचार्य अली हसन ने सनद दी। इसके बाद रात आठ बजे गागर चादर का कार्यक्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चात कुल शरीफ का आयोजन हुआ।
़