सिद्धार्थनगर। लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव और विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय शनिवार को कपिलवस्तु के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। शिवपाल ने निर्माण में लापरवाही पर जिम्मेदारों को जेल भेजने की चेतावनी दी।
शिवपाल सुबह 11.30 बजे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सिंह से विश्वविद्यालय का मैप देखा और पूरी जानकारी हासिल की। उन्हें बताया गया कि मई 2013 में काम शुुरू हुआ लेकिन अभी तक प्रशासनिक भवन नहीं बन सका है। इस पर शिवपाल ने प्रोजेक्ट मैनेजर पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि काम तीन शिफ्टों में कराया जाए। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट हो। मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए। चौबीस घंटे काम होना चाहिए, ताकि अगले सत्र जुलाई में क्लास शुरू हो सके। साथ ही उन्होंने रकम के बारे पूछा। इस पर बताया गया कि अभी तक 50 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसमें से केवल 20 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाया है। यह सुनते ही शिवपाल यादव ने प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने समस्याआें के बारे में भी बीके सिंह से पूछताछ की। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि इंजीनियर नहीं आते हैं। इस वजह से समस्या बढ़ गई है। इस पर उन्होंने डीएम से कहा कि इंजीनियर को बुलाया जाए और अगर लापरवाही बरतते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाए।
इसके बाद वह विधानसभा अध्यक्ष के साथ प्रशासनिक भवन की ऊपरी मंजिल पर गए। वहां उन्होंने निर्माण में उपयोग हो रही सरिया अन्य सामान की जांच की। इस दौरान शिवपाल ने कहा कि अगर निर्माण में अनियमितता मिली तो एफआईआर दर्ज कराते हुए संबंधित को जेल भेजा जाएगा।
इस दौरान डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार, एसपी केके चौधरी, एडीएम, एसडीएम सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद था। इसके अलावा सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, पूर्व विधायक लालजी यादव, चिंकू यादव, अमन मणि त्रिपाठी, जुबैदा चौधरी, सोनू यादव, राकेश दत्त त्रिपाठी, सतीश चौधरी और राकेश यादव आदि लोग मौजूद रहे।