सिद्धार्थनगर। बढ़नी मिल कालोनी में हुई डकैती का खुलासा पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। चूंकि सारे डकैत नेपाल के बताए जा रहे है। ऐसे में उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी। हालांकि खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम समेत कई थानों की पुलिस को लगाया गया है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
बता दें कि रविवार रात असलहों और धारदार हथियारों से लैस आठ डकैतों ने दवा व्यापारी अरविंद पाठक के छह सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर घर में रखा एक लाख 20 हजार रुपये नगदी समेत सोने चांदी के कीमती जेवरात लेकर फरार हो गए थे। डकैतों ने अरविंद के तीनों बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस का लेट पहुंचना भी लोगों की समझ से परे है। फिलहाल अब तक पुलिस के हाथ डकैतों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पीड़ित परिजनों ने एक बात तो साफ कर दी है कि सारे डकैत नेपाल के ही थे। वहीं घटना स्थल से नेपाल बार्डर की दूरी आधा किलोमीटर से भी कम है।
पुलिस की सभी टीमें डकैती के खुलासे के लिए लगाई गई है। जांच पड़ताल की जा रही है। सर्विलांस सहित क्राइम ब्रांच और अन्य टीमें भी इस दिशा में काम कर रही है। जल्द ही डकैती का खुलासा कर दिया जाएगा।
-राघवेंद्र मिश्रा, सीओ शोहरतगढ़
अधिवक्तों ने न्याययिक कार्य नहीं किया
सिद्धार्थनगर। बढ़नी नगर पंचायत के मिल कालोनी में अधिवक्ता धर्मेंद्र पाठक के घर हुई भीषण डकैती के विरोध में सोमवार को सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। साथ ही घटना के खुलासे की मांग भी की। सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र शुक्ला और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताआें ने कहा कि जिले में पुलिस की नाकामी साफ दिख रही है। यही वजह है कि आए दिन लूट और डकैती जैसे वारदात हो रही है। इस पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। लगातार अपराध में बढ़ोत्तरी इस बात के संकेत भी है। अधिवक्ता धर्मेंद्र पाठक और उनके भाई अरविंद पाठक के घर हुई डकैती इस बात का प्रमाण है। लेकिन पुलिस घटनास्थल में पहुंचने में देरी की। इन लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द घटना का खुलासा किया जाए। इस दौरान अधिवक्ता सगुण चंद्र श्रीवास्तव, राधेश्याम मिश्र, रुप नरायन पांडेय, परमहंस त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, राजकुमार यादव, गणेश शंकर यादव, कैलाश नाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।