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बालिका शिक्षा का महत्व बताया

Mon, 13 Oct 2014 05:30 AM IST
Siddhartha nagar
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सिद्धार्थनगर। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर रविवार को गोष्ठी एवं पद यात्रा का आयोजन जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई में किया गया। इसमें बालिकाओं को उनके अधिकार, सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ बाल विवाह से होने वाली हानियों की जानकारी दी गई।
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चाइल्ड लाइन के केन्द्रीय समन्वयक विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 18 वर्ष तक के बच्चों को संविधान में चार अधिकार दिए गए हैं। पहला जीने का अधिकार, दूसरा विकास का अधिकार, तीसरा समानता का अधिकार और चौथा सहभागिता का अधिकार। हर बच्चों को यह अधिकार मिलना चाहिए। सुनील उपाध्याय ने बताया कि बच्चों की देखभाल, संरक्षण और सहायता के लिए चाइल्ड लाइन जिले में कार्यरत है। कभी भी निशुल्क फोन नंबर 1098 पर कॉल कर बच्चों के लिए कोई भी मदद मांग सकता है। बाल विवाह निषेध परियोजना के धर्मेंद्र कुमार ने बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा पर चर्चा करते हुए बताया कि कम उम्र में बच्चों की शादी कर देने से स्वास्थ्य और शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस दौरान अध्यापक एसएन शुक्ला ने कहा कि सभी बालिकाओं की शिक्षित करने की जरूरत है। इससे उनका नैतिक, सामाजिक, व्यवहारिक और कौशल विकास होता है। इसे बालिकाएं आने वाले पीढ़ी को धरोहर के रूप में देती हैं। अंत में बालिका शिक्षा और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई। यह पूरे क्षेत्र में घूमी। इसमें सुनील शर्मा, माधवानंद शुक्ल, सुनील उपाध्याय, बबिता श्रीवास्तव, प्रियंका, प्रीति के साथ देवेंद्र कुमार और सुधाकर प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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