सिद्धार्थनगर। कांग्रेस से त्यागपत्र और लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि सम्मान, संवाद और मान्यता न मिले तो पार्टी में रहने का क्या मतलब। इस वजह से मैंने पार्टी छोड़ी। मुझे पार्टी से कोई भी गिला शिकवा नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैंने एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में 26 साल तक कांग्रेस की सेवा की। जब 1989 में पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर हो गई थी, उस समय निष्ठा के साथ रहा। इसके बाद भी मुझे पार्टी में जो सम्मान मिलना चाहिए, नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस से मेरे बेटे अभिषेक पाल को निकाल दिया गया। ऐसा क्यों? सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़ रही थी। अब स्थिति ठीक नहीं है। कांग्र्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश में पार्टी की मिली हार ने यह तय कर दिया है कि नेतृत्व मौजूदा समय में ठीक नहीं है। भाजपा पीएम पद के उम्मीदवार की तारीफ करते हुए कहा कि लोग कहते हैं कि गुजरात दंगों के लिए मोदी दोषी हैं लेकिन मुजफ्फरनगर के दंगे का जिम्मेदार कौन है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं धर्मनिरपेक्ष हूं और रहूंगा। कहा कि मैं डुमरियागंज लोकसभा से ही चुनाव लड़ूंगा। क्षेत्र की सेवा करता रहूंगा।