सिद्धार्थनगर। पेशी के बाद पुलिस को चकमा देकर बुधवार को न्यायालय परिसर से भागे बंदी को पुलिस टीम ने ककरहवा सीमा से गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी कस्बे में बीते सितंबर में शाबान यादव के घर से मोबाइल फोन चोरी हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कृष्णानगर नेपाल के सेमरा गांव निवासी इरशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बुधवार को इसी मामले में इरशाद को जेल से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी पर लाया गया था। पेशी के बाद शाम करीब चार बजे इरशाद शौच करने के बहाने सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया था।
इसके बाद एसपी ने उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम को लगाया था। गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि इरशाद ककरहवा सीमा से नेपाल भागने की फिराक में है। इस पर पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
एएसपी अशोक कुमार वर्मा ने एसपी ऑफिस में बताया कि सीओ रामकेवल सरोज के निर्देशन में एसओ मोहाना आनंद गुप्ता, एसओ सिद्धार्थनगर सुधीर सिंह और उनकी टीम ने ककरहवा सीमा से इरशाद को पकड़ा। उन्होंने टीम को पुरस्कृत करने की बात भी कही।
माल बांटने के लिए भागा
पुलिस के अनुसार चोरी करने में माहिर इरशाद माल बांटने के लिए पेशी से भागा था। उसने अपने एक अन्य साथी के साथ कुछ दिनों पहले बढ़नी में भी चोरी की थी। इस मामले में उसका एक अन्य साथी जगराम फरार है। पूछताछ में इरशाद ने बताया कि चोरी किया हुआ माल जगराम के पास है। उसे बांटने के लिए वह नेपाल जाने की फिराक में था। भागने के बाद उसने भीमापार में पूरी रात एक पुआल में छिपकर बिताई। गुरुवार सुबह वह टेंपो पकड़कर ककरहवा की तरफ रवाना हुआ।
14 महीने तक रहा है जेल में
इरशाद इससे पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। वह आर्म्स एक्ट के मामले में 14 महीने की सजा काट चुका है। साथ ही उसके ऊपर जिले के ढेबरुआ और सिद्धार्थनगर समेत कई थाने में मुकदमे दर्ज हैं। जेल में रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात जगराम से हुई थी। छूटने के बाद दोनों ने बढ़नी में चोरियां कीं।