सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा के लिए तैनात चालकों ने गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे के बाद सीएमओ के आश्वासन पर चालक माने। एंबुलेंस चालकों ने कहा कि उन्हें हटाने की साजिश की जा रही है। यह बंद होनी चाहिए।
चालक राम विजय ने कहा कि यूपी एंबुलेंस चालकों ने पूरी निष्ठा से महकमे की सेवा की। लेकिन अब उन्हें बाहर करने की बात हो रही है। चालक इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय से मिलकर अपनी पीड़ा सुना चुके हैं। उन्होंने पक्ष में पैरवी करने का आश्वासन देते हुए कहा था कि किसी भी एंबुलेंस चालक की नौकरी नहीं जाएगी। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं आया है। राकेश ने कहा कि एंबुलेंस संचालित करने वाली फर्म को सीएमओ की ओर से एक नोटिस भेजा जा चुका है। इसमें स्पष्ट है कि विभिन्न अस्पतालों पर तैनात यूपी एंबुलेंस सेवा की गाड़ियों को 102 के संचालन के लिए हस्तांतरित किया जाएगा। ऐसे में विभाग को फर्म के चालकों की जरूरत नहीं रहेगी। नोटिस में स्पष्ट है कि इसके मिलने के 15 दिन बाद विभाग का अनुबंध खत्म मान लिया जाएगा। राममिलन ने कहा कि इसे लेकर एंबुलेंस चालक दो बार विधानसभा अध्यक्ष से मिल चुके हैं। राकेश प्रकाश पांडेय, सोमनाथ, मोहर, अजय वरुण और संजय आदि ने कहा कि इस मामले को लेकर चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण वाहन चालक संघ एक बार फिर से विधानसभा अध्यक्ष से मिलेगा। प्रदर्शन में मनीष कुमार, विजय मिश्र, मुकद्दस हुसैन, रणजीत सिंह और उमेश आदि मौजूद रहे। सीएमओ ने कहा कि उनकी मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।