सिद्धार्थनगर। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एशोशिएशन के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर जिले भर में तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। बर्डपुर ब्लाक के शिक्षामित्रों ने बीआरसी बर्डपुर से लेकर चौराहे तक पैदल चलकर एक एक व्यक्ति से भिक्षा मांगी। घेरा डालो डेरा डालो के तहत शिक्षामित्र कार्य बहिष्कार पर हैं।
बर्डपुर ब्लॉक अध्यक्ष शिवशरन चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षमित्रों को पूर्णकालिक अध्यापक के रूप में समायोजित करने के लिए 20 जनवरी 2014 तक का समय दिया था। जिस पर अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी कार्रवाई शुरु नहीं की गई और ना ही शिक्षामित्रों को समायोजित किया गया। जिसके विरोध में बर्डपुर के शिक्षामित्रों बीआरसी बर्डपुर के प्रांगण से लेकर मुख्य चौराहे तक भिक्षा मांगी। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक शासनादेश नहीं आ जाता तब तक कोई शिक्षा मित्र विद्यालय में प्रवेश नहीं करेगा। धरने पर बैठे शिक्षामित्र संध के ब्लॉक महामंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को छल रही है। अगर कल तक सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जल्द ही सभी शिक्षामित्र आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। इस दौरान देवेन्द्र यादव, विजय पांडेय, अशोक कुमार, राजेश्वर प्रसाद, ध्यानचन्द्र, मो. फैसल, अनिल यादव, पूूनम रानी, पूनम सिंह, प्रमिला, रवि प्रकाश, अमित, दिवाकर, संकटा प्रसाद आदि मौजूद रहे। बीआरसी बढ़नी में भी शिक्षामित्रों का प्रदर्शन जारी रहा।
बांसी में तीसरे दिन बांसी ब्लॉक के समस्त शिक्षामित्रों ने अपने विद्यालयों में शिक्षण कार्य बहिष्कार कर सरकार के विरुद्ध धरना देकर रोष व्यक्त किया। धरना की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षामित्रों समायोजन की बात कही थी तथा इस संबंध में सात फरवरी 2013 को समायोजन के संबंध में शासनादेश जारी किया है। उस शासनादेश के अनुसार प्रथम बैच के 60 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन जनवरी 2014 में तथा दूसरे बैच का समायोजन दिसंबर 2014 में लगभग 64 हजार शिक्षामित्रों का होना है। शेष शिक्षा मित्रों का समायोजन सितम्बर 2015 में होना है। ऐसी स्थिति में लगभग 60 हजार शिक्षा मित्र प्रथम बैच के बीटीसी प्रशिक्षण पूरा कर लिये हैं, मगर जनवरी माह में मात्र 11 दिन ही शेष बचे हैं लेकिन सरकार ना जाने क्यों समायोजन करने से कतरा रही है। महामंत्री प्रदीप शर्मा ने कहा सरकार अपने घोषणा पत्र के वादे तथा समायोजन संबंधी शासनादेश का पालन नहीं कर रही है। जबकि शीघ्र ही लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने वाली है फिर भी सरकार शिक्षा मित्रों के अधिकारों को देने में गम्भीरता नहीं बरत रही है। उन्होंने कहा जब तक समायोजन का शासनादेश जारी नहीं हो जाता तब तक शिक्षा मित्र विद्यालयों में तालाबंदी हर स्तर पर सरकार विरोधी आन्दोलन चलाते रहेंगे। धरने में हरीश आर्य, प्रमोद जायसवाल, अजय श्रीवास्तव, दिनेश ओझा, शशिकपूर, राजेश मिश्र, रामजीत मौर्य, अरविन्द सिंह, रविकान्त पाण्डेय, शिव प्रसाद, राजेन्द्र पाण्डेय, धर्मेन्द्र ओझा, चन्द्र प्रकाश यादव, अनुज सिंह, आकाश द्विवेदी, अखिलेश दत्त श्रीवास्तव, शहदेव, सुभाष चन्द्र, प्रतिभा श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव, जानकी देवी, सरोज सिंह, मधुबाला, पल्लवी, वंदना कश्यप, साधना श्रीवास्तव, सुधा मिश्रा, शीला पाण्डेय, कमलावती, श्यामलल्ली सिंह, सुमन त्रिपाठी, तबारकुन्निशा, ममता श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, जय सिंह, धनंजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
इटवा ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बुधवार को शिक्षामित्रों ने तीसरे दिन भी स्कूलों में ताला लगाकर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इटवा ब्लाक के आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएसन अध्यक्ष अवधेश पांडेय के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों का हुजूम बीआरसी पर पहुंचकर सरकार के विरोध में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ब्लाक अध्यक्ष अवधेश पांडेय ने कहा कि सरकार अपने वादो ंसे मुकर रही है। प्रशिक्षण के बाद भी शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित नहीं कर रही है। टीईटी मुक्त शासनादेश जारी करने पर भी टालमटोल कर रही है। इस हठधर्मिता का जबाब आने वाले समय में शिक्षामित्र देकर ही रहेंगे। उन्होने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चार फरवरी तक राजाज्ञा नहीं लागू किया गया तो पांच फरवरी को विधान सभा के समक्ष शक्ति प्रदर्शन किया जायेगा। इस दौरान केशरी नंदन, श्रीराम, नियाज अहमद आदि मौजूद रहे।