डुमरियागंज। आठ जनवरी की देर शाम किराए के विवाद को लेकर कुछ लोगों ने प्राइवेट बस के कंडक्टर को पीटकर उसे पुल के नीचे फेंक दिया था। सूचना पाकर उसके परिजन और बस यूनियन के लोग उसे जिला अस्पताल ले गये थे जहां से डॉक्टरों ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना से नाराज कंडक्टर के परिजन और डुमरियागंज के लोगों ने कस्बे के मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ये लोग हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
नगर के हबीबुल्लाह नगर का रहने वाला सुरेंद्र (45) प्राइवेट बस में कंडक्टर की नौकरी करता था। आठ जनवरी की शाम वह बढ़नी से वापस डुमरियागंज आ रहा था। रास्ते में किराए को लेकर सेमरी गांव के कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। सेमरी पहुंचने पर झगड़ा करने वाले लोग बस रोकर सुरेंद्र को नीचे खींचकर बुरी तरह पीटे। इस दौरान काफी चोट लग जाने से वह बेहोश हो गया तो हमलावरों ने उसे वहीं पास के पुल से नीचे फेंक दिया। बस ड्राइवर ने इसकी सूचना बस मालिक को दी। इसके बाद बस यूनियन के लोगों के अलावा कंडक्टर के परिजन भी वहां पहुंच गये। लोग उसे उठाकर जिला अस्पताल ले गये। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। घरवाले शव को लेकर घर आए और सड़क जाम कर हमलवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान नगरपंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मधुसूदन अग्रहरि, प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष चुन्नीलाल, अहमद, मुन्नू फारूकी, विनोद, बजरंगी, बब्लू सहित कई लोग मौजूद रहे। जाम की खबर पाकर डुमरियागंज एसओ मौके पर पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन देकर जाम को समाप्त करवाया।
इस संबंध में डुमरियागंज एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि घटनास्थल ढेबरूआ थानाक्षेत्र में है। कंडक्टर के क्रिया-कर्म में होने वाले खर्च को यूनियन ने वहन करने की बात कही है। हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने में पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।