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नौ वर्षों से उपेक्षित पड़ा है धोबी घाट

Thu, 30 May 2013 05:30 AM IST
Siddhartha nagar
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शोहरतगढ़। स्थानीय कस्बा की मुख्य सड़क के दक्षिण-पश्चिम में स्थित धोबी घाट का वर्षों से उपेक्षित पड़ा है। 2004 में ही इसके सुंदरीकरण के लिए स्वीकृति मिल गई थी लेकिन नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं हुआ। घाट की सफाई न होने से इस प्रचंड गर्मी में पानी सूख कर कम हो गया है। उपनगर के नाले का पानी धोबी घाट में जाने से दूषित हो गया है। इससे धोबी समाज के लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इन लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधि व प्रशासन से मौखिक व लिखित निवेदन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।े
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पूर्व सपा शासन काल में दिवंगत मंत्री दिनेश सिंह ने वर्ष 2004-05 में शासन से बांसी और शोहरतगढ़ के धोबी घाट के सुंदरीकरण के लिए बजट स्वीकृत करवाया था। इसको बनवाने का जिम्मा डूडा को सौंपा गया। धोबी महासभा संघ के तहसील अध्यक्ष रामवृक्ष कन्नौजिया कहते हैं कि आजादी से पूर्व से ही बाबा- दादा इसी में लोगों के कपड़े धोते थे। वर्ष 1981-82 में जब पता चला कि यह धोबीघाट किसी के नाम पट्टा हो गया है तो न्यायालय में याचिका दायर की। जिसमें वर्ष 2004-05 में डिग्री मिली और धोबीघाट के नाम से दर्ज हुआ। दिवंगत मंत्री दिनेश सिंह के सहयोग से शासन से स्वीकृति दिलाकर सुंदरीकरण के लिए बजट भी मंगवाया, लेकिन आज तक सुंदरीकरण नहीं हुआ। संघ के महामंत्री शिव कुमार कन्नौजिया ने कहाकि धोबी घाट का सुंदरीकरण न होने से हम लोगों के समक्ष जीविका का संकट है। सदस्य बैजनाथ कन्नौजिया कहते हैं कि धोबी घाट में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसमें कपड़ा धुला नहीं जा सकता। ऐसे में मजबूरन घर के नल पर ही लोगों के कपड़ा साफ कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। संरक्षक रामलाल ने बताया कि नाले की सफाई नहीं होने से गंदा पानी धोबीघाट के पानी में जाकर मिल जाता है और पूरा घाट दूषित हो जाता है। नगर पंचायत प्रशासन से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी सुधार नहीं। उन्होंने प्रशासन से गंदा पानी रोकने और समस्या के निस्तारण की मांग की है ताकि धोबी समाज के 40 घराें का जीविकोपार्जन सुचारु रूप से चल सके।
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