सिद्धार्थनगर। धुरिया और गोंड जातियों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर सोमवार से कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। अनशनकर्ताओं का कहना है कि हम लोगों को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश सभी तहसीलदारों को तत्काल आदेश दिया जाए। ऐसा न करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
जिले के विभिन्न हिस्सों से जुटे धुरिया और गोंड समाज के लोगों ने विनोद कुमार गोंड और उमाशंकर गोंड के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रर्दशन के बाद आमरण अनशन शुरू कर दिया था। डीएम को दिए पत्रक में अनशनकर्ताओं ने पांच सूत्रीय मांग की है। इसमें कहा गया है कि धुरिया और गोंड जातियों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी जिला स्क्रूटनी कमेटी के निर्णय का अनुपालन समस्त तहसीलदारों को करने का आदेश दिया जाए। इस समाज के लोगों के विकास के लिए शासन से धन की मांग लिखित रूप से की जाए। परिवार के किसी सदस्य के नाम जारी जनजाति प्रमाण पत्र के आधार पर घर के अन्य सदस्यों का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए। आवेदक के जारी जाति प्रमाण पत्र को वापस लेकर उसी प्रमाण पत्र के आधार पर तत्काल दूसरा प्रमाण पत्र जारी इंटरनेट पर फीट कराया जाए। वक्ताओं ने तहसीलदार नौगढ़ ने राजस्व निरीक्षक के रिपोर्ट के बावजूद जाति प्रमाण पत्र न जारी करने के कारण उन्हें शासनादेश और स्क्रूटनी कमेटी के आदेश की अवहेलना किया है। उनको तत्काल निलंबित करने की मांग सभी वक्ताओं ने किया। इस अवसर पर डॉ. हरीश धुरिया, उमाशंकर गोंड, विनोद कुमार गोंड, जगदंबा प्रसाद, काशी प्रसाद, उमेश चंद्र, सुरेंद्र कुमार विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।