सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्र पर गांव और शहर का पूरा माहौल भक्तिमय हो चुका है। मां के जयकारों के बीच लोग मंदिरों तथा देवी पंडालों के अलावा घर में भी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। देवी मंदिरों में भक्तों के आवागमन से इसकी रौनक बढ़ गई है। सुबह और शाम की आरती में भारी संख्या में लोग देवी पंडालों में जुट रहे हैं। शुक्रवार को मुख्यालय के तीन देवी पंडालों के अलावा सिहेंश्वरी मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहा।
1960 से अनवरत चल रही दुर्गा पूजा
मुख्यालय के सिद्धार्थ तिराहे पर विगत 52 वर्षों से दुर्गा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। देवेंद्र कसौधन का कहना है कि 1960 से इस चौक पर दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जाती है। उन्होंने बताया कि यहां मूर्ति स्थापना करने वाली समिति जय मातेश्वरी दुर्गा पूजा समिति के माध्यम से प्रसिद्ध है। समिति के सदस्य सचींद्र ने बताया कि इस बार खर्चे काफी बढ़ गए हैं, लेकिन दुर्गा पूजा का क्रम अब भी जारी है।
जनता दुर्गा समिति का संचालन 1981 से
जनता युवा दुर्गा पूजा समिति की अगुवाई में वर्ष 1981 से ही दुर्गा प्रतिमा की स्थापना पुलिस बूथ के निकट की जाती है। समिति के अध्यक्ष रामविलास गुप्त कहना है कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार महंगाई के कारण साज सज्जा काफी प्रभावित है। पिछली बार बिजली के अलावा कई अन्य तरह की सजावट की जाती थी, लेकिन इस बार काफी दिक्कत हो रही है।
शैलपुत्री दुर्गा समिति भी चार वर्षों से संचालित
तेतरी बाजार में स्थापित शैलपुत्री दुर्गा समिति विगत चार वर्षों से प्रतिमा स्थापना की दिशा में सक्रिय हुई है। समिति के सदस्य प्रिंस अग्रहरि ने बताया कि इस बार प्रतिमा के रेट काफी बढ़ गए हैं। इसके अलावा पूजन सामग्री के रेट भी बढ़ गए हैं। इस लिए सीमित संसाधनों के सहारे पूजा-अर्चना का कार्यक्रम पूर्ण किया जा रहा है।
सिंहेश्वरी मंदिर पर थी भीड़
मुख्यालय के सिहेश्वरी मंदिर पर शुक्रवार को भी भक्तों का तांता लगा था। सुबह चार बजे से ही लोग मंदिर में मत्था टेकने के लिए आ गए थे। देर शाम तक यह क्रम जारी रहा। मंदिर के महंत बाबा अधिकारी दास का कहना है कि मां की कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है, लेकिन नवरात्र में मां की विशेष कृपा होती है। इस लिए नवरात्र में दर्शन, पूजा-अर्चन फलदायी है।