सिद्धार्थनगर। छपरा रेल ट्रैक पर एक पखवारे पहले हुए ट्रेन हादसे ने आनंदनगर बढ़नी रूट पर 15 अक्टूबर तक ट्रेन चलाए जाने पर दुविधा पैदा कर दी। लोगों को 15 अक्टूबर तक ट्रेन चलने की आस थी लेकिन इस दुर्घटना ने इस पर ब्रेक लगा दिया। कारण 26 सितंबर को सीआरएस निरीक्षण के बाद उस घटना की जांच में टीम जुट गई थी। बहरहाल अब भी आस जगी है। सूत्रों की मानें तो दुबारा सीआरएस टीम का निरीक्षण 10 अक्टूबर तक हो सकता है। इसी दिन ट्रेन का ट्रायल होगा और इस रूट पर ट्रेन 120 से 140 की स्पीड से दौड़ते हुए गुजरेगी। ट्रायल के तकरीबन दस से पंद्रह दिन के भीतर ट्रेन संचलन शुरू हो सकता है। रेल लाइन और सिगनल के कार्य को तकरीबन पूरा बताया जा रहा है लेकिन प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज और बिजली के काम अभी भी बचे हुए हैं।
पहली जनवरी, 12 को कई दशक से आनंदनगर बढ़नी रूट पर चल रही छोटी लाइन के ट्रेन संचलन को रोक दिया गया। इसके बाद इस रूट पर बड़ी रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया। दस महीनों तक कार्य चला और अब बड़ी लाइन की ट्रेन चलने की आस बंधी है। यह सब चल ही रहा था कि 26 सितंबर को सीआरएस पी.के. बाजपेयी के दौरे के बाद कुछ महत्वपूर्ण कार्य शेष रहने की बातें सामने आई लेकिन रिपोर्ट डीआरएम तक नहीं पहुंची। बताते हैं कि इसी बीच में छपरा ट्रैक पर एक हादसे में ट्रेन से एक बस टकरा गई। इसके बाद सीआरएस टीम उसकी जांच में जुट गई।
अब जो कार्य बचा था उसे भी पूरा कर लिया गया है। प्लेटफार्म के साथ ही बिजली और स्टेशन पर ही कई कार्य बचे हैं। जबकि रेलवे लाइन और सिगनल के दुरुस्त होने की बात कही जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस रूट पर 10 अक्टूबर तक सीआरएस का दूसरा दौरा होगा और इसके साथ ही ट्रायल कर लिया जाएगा।