जिले के लगभग तीन हजार प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय निर्मित है। इनमें मौके पर 50 प्रतिशत से अधिक शौचालय खस्ताहाल हैं, लेकिन दो माह पूर्व किए गए सरकारी सर्वे की रिपोर्ट में 1389 स्कूलों के शौचालयों की हालत खराब बताते हुए मरम्मत को प्रस्तावित था।
इनमें मात्र तीन सौ शौचालयों के मरम्मत कराए जा रहे हैं, जबकि तीन ही शौचालयों के मरम्मत कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट मिली है। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का स्तर बढ़ाने के सरकार के तमाम प्रयास स्थानीय स्तर पर सफल नहीं हो पा रहे है।
शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ बेहतरीन सार्वजनिक सुविधाओं उपलब्ध कराने में संबंधित विभाग नाकाम साबित हो रहे है। इसी की झलक है इन विद्यालयों के शौचालयों की स्थिति।
विकास खंड भनवापुर में सबसे अधिक 186 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के, डुमरियागंज में 128, मिठवल में 127, नौगढ़ में 98, बांसी में 96, बर्डपुर में 108, खेसरहा में 98, खुनियांव में 153, शोहरतगढ़ में 88, बढनी में 83, लोटन में 89, उसका बाजार में 59, इटवा व जोगिया के 38-38 विद्यालयों के शौचालय उपयोग के लायक नहीं है। इनके मरम्मत के प्रस्ताव के बाद 26 अक्टूबर 2015 से तीन सौ शौचालयों का मरम्मत कार्य शुरू हुआ।
इनमें नौगढ़ के तीन शौचालयों को छोड़ शेष के मरम्मत की प्रगति रिपोर्ट अभी तक विभाग को नहीं मिल सके है। डीएम डॉ सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इसकी जानकारी मिली है संबंधित जिम्मेदारों को विद्यालयों के शौचालयों के मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया गया है।