सिद्धार्थनगर। इलाज के दौरान नवजात की मौत पर शहर स्थित नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कार्रवाई की मांग की है। डीएम को सौंपे पत्र में उन्होंने कहा कि घटना के विरोध में आठ दिसंबर को सिद्धार्थ तिराहे पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
शिकायती पत्र में अनिल सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी को दो नवंबर को उक्त नर्सिंग होम में नॉर्मल डिलेवरी से बेटा पैदा हुआ था। नवजात के सिर में छोटी से फुंसी निकल आई जिसको दिखाने वह 20 नवंबर को नर्सिंग होम गए। बिना उन्हें कोई जानकारी दिए डॉक्टर ने बच्चे के सिर में चीरा लगा कर ऑपरेशन कर दिया और दवा देकर घर भेज दिया। अगले दिन बच्चे की हालत बिगड़ गई। वह नर्सिंग होम गए तो बच्चे को भर्ती तो कर लिया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर वह गोरखपुर इलाज के लिए भागे। 22 नवंबर को सिर में इन्फेक्शन के चलते बच्चे की मौत हो गई। नर्सिंग होम की लापरवाही की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने मामले की जांच की और सीएमओ ने तीन डॉक्टरों की टीम बना कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि टीम में दो डॉक्टर प्राइवेट हास्पिटल से हैं। ऐसी दशा में उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं है। आठ दिसंबर को घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर जिला बंद का आह्वान किया जाएगा।