फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर हो गांव, बिजली के लिए हाहाकार

Sat, 08 Sep 2018 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
electricity
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बिजली आपूर्ति की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर हो या गांव, हर जगह बिजली संकट बरकरार है। विभागीय अफसर तकनीकी दिक्कत, लोकल फाल्ट, जर्जर तार बदलने जैसी बातें बताकर जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ा लेते हैं। बेहतर व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधि भी खामोश हैं। लाचार व मजबूर उपभोक्ताओं की कोई सुनने वाला नहीं है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय का दर्जा प्राप्त नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के बिजली उपभोक्ताओं को आज भी 30 वर्ष पूर्व जैसी मिल रही व्यवस्था से काम चलाना पड़ रहा है। इन वर्षों में हर दलों की सरकारें बनीं। सत्ता पक्ष के सांसद, विधायक भी होते रहे। मौजूदा समय में भी केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार से जुड़े जनप्रतिनिधि होने के बाद भी लोग बिगड़ी बिजली व्यवस्था से आजिज आ चुके हैं।

ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को पत्र सौंपा
कब बिजली आएगी या जाएगी, पता नहीं। आंख झपकते आई और गई जैसी स्थिति हो गई है। मुख्यालय से सटे गांवों की भी स्थिति ठीक नहीं है। भीमापार व रेहरा ग्राम पंचायतों से जुड़े शिवेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ डिंपू की अगुवाई में ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को पत्र देकर अवगत कराया कि टोला रगड़गंजवा से भीमापार टोला अलगटपुर के लिए गई बिजली के तार एक बाग के ऊपर से होकर गुजरने से अक्सर आपूर्ति में बाधा पहुंचती है। कभी-कभार पेड़ में करंट उतरने से बड़ा हादसा होने की भी संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। इसको बदलने के लिए अवर अभियंता द्वारा कार्ययोजना बनाकर काफी पहले दे दिया गया है, पर अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पत्र में ऋषिकेश मणि त्रिपाठी, प्रसिद्ध मणि त्रिपाठी, प्रेमकुश कुमार गौड़, शैलेश मणि त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अजय त्रिपाठी, राकेश मणि त्रिपाठी, कमलेश मणि त्रिपाठी आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि एस्टीमेट स्वीकृति के लिए अधीक्षण अभियंता के पास भेज दिया गया है। जोगिया नगरा फीडर के सिसवा बुुजुर्ग में भी विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। लो-वोल्टेज के साथ ही अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।

मंत्री के क्षेत्र में भी हफ्ते भर से बत्ती गुल
गोल्हौरा। बांसी विद्युत वितरण केंद्र के महरवाजोत फीडर से सैकड़ों गांवों में आपूर्ति की जाती है। गर्मी व बरसात के मौसम में फीडर खराबी व लोकल फाल्ट के चलते लोगों को महीने में पंद्रह दिन भी ठीक से आपूर्ति नहीं मिलती है। 31 अगस्त की सुबह से आज तक यहां तीन चार शिफ्टों में सिर्फ 10-12 घंटे आपूर्ति मिली होगी। आबकारी मंत्री के क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बीते एक सप्ताह से बिजली गुल है। बिजली गुल रहने से लोग भीषण उमस भरी गर्मी व बरसात में अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं। पूर्व प्रधान चंद्रशेखर त्रिपाठी, समाजसेवी चिकित्सक डॉ. रविशंकर त्रिपाठी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कृष्ण बहादुर सिंह, अखिलेश त्रिपाठी, एडवोकेट लोकपति ओझा, गिरजेश कुमार, शिवकुमार पांडेय आदि का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते प्राय: बिजली नहीं रहती है। अवर अभियंता रामायन प्रसाद ने बताया कि फीडर की खराबी दो दिन पूर्व दुरुस्त कराई गई। तभी से लोकल फाल्ट उत्पन्न हो रहा है। ठीक कराया जा रहा है। फाल्ट ठीक होने के बाद ही आपूर्ति बहाल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें